योगी सरकार का महिलाओं को बड़ा तोहफा! 50 हजार रुपये देने की तैयारी, पहली किस्त 20 हजार
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता योजना लाने की तैयारी की चर्चा है। प्रस्तावित योजना के तहत पात्र महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जा सकती है। संभावित प्रारूप के मुताबिक, चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त देने और इसके बाद 10-10 हजार रुपये की तीन किस्तें देने का प्रस्ताव विचाराधीन बताया जा रहा है। हालांकि, अभी सरकार की ओर से योजना को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
प्रस्तावित योजना में सबसे ज्यादा चर्चा पहली किस्त को लेकर है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पात्र महिलाओं के बैंक खातों में चुनाव से पहले 20 हजार रुपये भेजे जा सकते हैं। इसके बाद 10-10 हजार रुपये की तीन और किस्तों के जरिए कुल सहायता राशि 50 हजार रुपये तक पहुंच सकती है।
फिलहाल पात्रता के नियम तय नहीं हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, योजना में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। SC, ST, BPL और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को शामिल करने पर विचार हो सकता है। कुछ आय सीमा वाले परिवारों की महिलाओं को भी दायरे में लाने की संभावना बताई गई है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी हर महिला को 50 हजार रुपये मिलने की घोषणा नहीं हुई है। लाभार्थियों की संख्या, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की तारीख सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रस्तावित योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक मदद देने के साथ उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना बताया जा रहा है। महिलाओं को छोटे कारोबार या रोजगार से जुड़ी गतिविधियां शुरू करने में इस राशि का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में पहले से ही स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का काम चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में करीब 98.76 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। नई योजना को मौजूदा व्यवस्था से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में महिला मतदाताओं पर राजनीतिक दलों का फोकस बढ़ा है। प्रस्तावित 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता वाली योजना को भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी रणनीति के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, योजना का वास्तविक स्वरूप सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा।