विनोद साहनी हत्याकांड पर सियासी संग्राम, गोंडा जा रहे अजय राय को पुलिस ने हिरासत में लिया
गोंडा में बर्तन कारोबारी और निषाद समाज से जुड़े नेता विनोद कुमार साहनी की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। शनिवार को मृतक के परिवार से मिलने गोंडा जा रहे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी के कई नेताओं को बाराबंकी के मसौली टोल प्लाजा के पास पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद पुलिस उन्हें मसौली थाने ले गई। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने यूपी सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा जा रहा था। उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह, नेता आसिम वकार, नरेंद्र सिंह और पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे। मसौली टोल प्लाजा के पास पुलिस ने काफिले को रोक दिया। इस दौरान अजय राय और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर मसौली थाने ले जाया गया।
कांग्रेस ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि उसके नेता पीड़ित परिवार से मिलने और संवेदना व्यक्त करने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
दरअसल, गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव निवासी विनोद साहनी पर बुधवार देर रात हमला किया गया था। वह दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद के बाद उन पर हमला हुआ। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के KGMU ले जाया गया, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस की लापरवाही के आरोप में थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
विनोद साहनी की मौत के बाद मामला राजनीतिक रूप ले चुका है। इससे पहले यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ. संजय निषाद भी इस मामले को लेकर धरने पर बैठे थे। विपक्षी नेताओं ने भी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अजय राय के गोंडा दौरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है। गोंडा, करनैलगंज और परसपुर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। ऐसे में विनोद साहनी हत्याकांड अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसे लेकर यूपी की सियासत भी तेज होती दिखाई दे रही है।