पावर कट से मचा हाहाकार, पंजाब सरकार ने बदले बिजली विभाग के प्रमुख, गुरकीरत कृपाल सिंह को मिली कमान
बिजली संकट और लगातार हो रहे पावर कट के बीच पंजाब सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर बढ़ती शिकायतों और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच सरकार ने बिजली विभाग और पावर निगमों की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। सरकार ने 2005 बैच के आईएएस अधिकारी बसंत गर्ग से बिजली विभाग की जिम्मेदारी वापस लेकर 2001 बैच के आईएएस अधिकारी गुरकीरत कृपाल सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक गुरकीरत कृपाल सिंह अब बिजली विभाग के साथ-साथ पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSTCL) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। उन्हें दोनों पावर निगमों के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से यह आदेश जारी किया गया है और बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।
वहीं, बसंत गर्ग को अब प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा उन्हें पूंजी प्रोत्साहन विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग प्रोत्साहन विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है। इस तरह उनके जिम्मेदारी वाले विभागों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में बिजली कटौती को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों के बीच विपक्ष भी सरकार को घेर रहा है। हालांकि, सरकार के आधिकारिक आदेश में अधिकारियों के तबादले या जिम्मेदारी बदलने को किसी अधिकारी के प्रदर्शन से जोड़कर कोई टिप्पणी नहीं की गई है। इसे प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर ही बताया गया है।
अब गुरकीरत कृपाल सिंह के सामने बिजली व्यवस्था को संभालने की बड़ी चुनौती होगी। उनके पास पहले से सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही उन्हें बिजली विभाग और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत विभाग का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है।
पावर निगमों की कमान संभालने के बाद नए अधिकारी के सामने बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना, पावर कट की समस्या को कम करना और विभागीय कामकाज को गति देना प्रमुख चुनौतियां होंगी। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और नए जिम्मेदार अधिकारी की प्राथमिकता यह होगी कि पंजाब में बिजली संकट को नियंत्रित कर उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।