मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
Punjab Election 2027: AAP ने जारी की 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, भगवंत मान बोले- फिर बनेगी हमारी सरकार UP IAS Transfer: यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 15 IAS अधिकारियों के तबादले, देखें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी बस्ती के विकास के लिए BJP नेता की अनोखी प्रतिज्ञा, 1000 करोड़ का निवेश लाने तक सिर पर रखेंगे जूते! दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत, PM मोदी बोले- दिल्ली और काशी के यात्रियों के लिए ऐतिहासिक दिन जिन्ना को आदर्श मानने वाले पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते: CM योगी यूपी में सरकारी नौकरी का सपना होगा चकनाचूर! इन मामलों में कैरेक्टर सर्टिफिकेट पर लगेगा दाग दीपोत्सव के दशक को भव्य बनाने की तैयारी, रामपथ के साथ प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी होगी आकर्षक लाइटिंग कैंसर के इलाज का खर्च होगा कम! ₹40,000 की दवा अब कितने में मिलेगी? जानें पूरी डिटेल MLC चुनाव में योगी ने बचाया BJP का किला, मोदी के वाराणसी और फडणवीस-गडकरी के नागपुर में पार्टी को झटका! स्पीड, स्केल और कनेक्टिविटी के मंत्र ने बदली उप्र की तस्वीर- मुख्यमंत्री योगी

लोक आयुक्त संगठन के 50 साल पूरे, CM योगी बोले- 2017 में 60% शिकायतें राशन की थीं, अब शून्य

लोक आयुक्त संगठन के 50 साल पूरे, CM योगी बोले- 2017 में 60% शिकायतें राशन की थीं, अब शून्य

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित लोक आयुक्त कार्यालय में लोक आयुक्त संगठन का 50वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोक आयुक्त प्रशासन की स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन किया। समारोह में लोक आयुक्त संगठन की पांच दशक की यात्रा को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें संगठन के गठन से लेकर अब तक की कार्यप्रणाली, शिकायतों की जांच और प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोक सेवक जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकार और सत्ता मिलने के बाद किसी व्यक्ति के व्यवहार में अहंकार नहीं आना चाहिए। उन्होंने संत कबीर की पंक्ति “प्रभुता पाई काहि मद नाहीं” का उल्लेख करते हुए कहा कि लोक सेवकों को अपनी जिम्मेदारी, जवाबदेही और मर्यादा का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। लोकायुक्त जैसी संस्थाएं लोक सेवकों को उनके नैतिक दायित्व और जनता के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था में आए बदलाव का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जनता दर्शन में आने वाली करीब 60 प्रतिशत शिकायतें राशन और खाद्यान्न वितरण से संबंधित होती थीं। उस समय जनता दर्शन में 100 लोग पहुंचते थे तो करीब 60 लोग राशन से जुड़ी शिकायत लेकर आते थे। सरकार ने व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए प्रदेश की करीब 80 हजार राशन दुकानों पर ई-पॉस मशीनें लगाईं और उन्हें मुख्यालय की निगरानी व्यवस्था से जोड़ा।

सीएम योगी ने कहा कि ई-पॉस मशीनों के जरिए राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी की जानकारी मुख्यालय तक तुरंत पहुंचने लगी। तकनीक के इस्तेमाल का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि आज जनता दर्शन में करीब 500 लोग पहुंचते हैं, लेकिन पीडीएस यानी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतें अब शून्य हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि देश में लोकपाल और लोकायुक्त जैसी संस्थाओं को मजबूत करने की मांग लंबे समय से होती रही है। इन संस्थाओं की आवश्यकता पहले भी थी और आज भी बनी हुई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यदि कोई लोक सेवक गलत काम करता है तो कई बार किसी स्तर पर उसे बचाने का प्रयास हो सकता है, लेकिन शिकायत लोकायुक्त संगठन तक पहुंचने के बाद मामले का मेरिट के आधार पर निस्तारण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने लैंड यूज से जुड़े मामलों के निस्तारण की व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के समाधान के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। यदि 30 दिन के भीतर मामले का निस्तारण नहीं होता है तो उसे डीम्ड माना जाएगा। वहीं, यदि किसी मामले का गलत तरीके से निस्तारण किया गया है तो संबंधित अधिका

Share
अगला लेख → सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत केस म…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *