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‘सैफई से सीख लेते तो गोरखपुर न डूब रहा होता’, अखिलेश यादव का CM योगी पर हमला

‘सैफई से सीख लेते तो गोरखपुर न डूब रहा होता’, अखिलेश यादव का CM योगी पर हमला

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गोरखपुर में जलभराव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने गोरखपुर की स्थिति की तुलना सैफई से करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अपने शहर के विकास के लिए सैफई से सीख लेनी चाहिए थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस जगह मेट्रो चलाने की बात की जा रही थी, वहां अब जलभराव के कारण नाव चलाने जैसी स्थिति बन गई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री को करीब दस साल के कार्यकाल में गोरखपुर में सैफई से भी बेहतर काम कराना चाहिए था। उन्होंने गोरखपुर में जलभराव को लेकर सरकार की तैयारियों और विकास कार्यों पर सवाल उठाए। अखिलेश ने यह भी कहा कि गोरखपुर में जिस तरह की स्थिति दिखाई दे रही है, उससे ऐसा लगता है कि वहां विकास कार्यों को लेकर आपसी खींचतान भी है।

अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री दिन-रात सैफई का नाम लेते रहते हैं, लेकिन अगर सैफई के विकास कार्यों से प्रेरणा ली गई होती तो गोरखपुर की स्थिति अलग होती। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जिस जगह मेट्रो चलाने की बात कही गई थी, वहां जलभराव के कारण नाव चलाने की स्थिति बन गई है।

गोरखपुर के मुद्दे के साथ अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए थे। अखिलेश ने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष तरीके से हुए होते तो समाजवादी पार्टी की सरकार बन सकती थी। वहीं, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उनकी पार्टी और कार्यकर्ता ज्यादा जागरूक थे, जिसके चलते समाजवादी पार्टी को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिली।

अखिलेश यादव ने Form-7 को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने निजी कंपनी के जरिए Form-7 भरवाकर मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के PDA प्रहरियों ने ऐसे मामलों को लेकर लोगों को जागरूक किया और कथित गड़बड़ियों को सामने लाने का काम किया। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए राजनीतिक दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने आयोग से अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को किसी के इशारे पर काम नहीं करना चाहिए। अखिलेश ने नोएडा में बड़े पैमाने पर कथित वोट चोरी और फर्जी वोट बनाए जाने का भी आरोप लगाया।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच जारी बयानबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल एक-दूसरे से सीखते हैं और कई बार पार्टियों के बीच दिखाई देने वाला विरोध भी रणनीति का हिस्सा होता है। उन्होंने संकेत दिया कि सपा और कांग्रेस के बीच होने वाली बयानबाजी को भी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जाना चाहिए।

खिलाड़ियों और खेलों को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर खेल का बजट बढ़ाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में खिलाड़ियों को सम्मान देने की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। अखिलेश ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर सम्मान की यह व्यवस्था फिर शुरू की जाएगी।

उन्होंने यश भारती पुरस्कार से सम्मानित लोगों को लेकर भी घोषणा की। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर यश भारती से सम्मानित लोगों को हर महीने एक लाख रुपये और 21 लाख रुपये की सम्मान राशि देने का काम किया जाएगा।

अखिलेश यादव के बयान में गोरखपुर का जलभराव, सैफई का विकास, मतदाता सूची, Form-7, चुनाव आयोग और खेल बजट जैसे कई मुद्दे शामिल रहे। चुनाव और सरकार से जुड़े आरोपों को अखिलेश यादव के राजनीतिक दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। इन दावों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और स्वतंत्र जांच के आधार पर ही की जा सकती है।

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