LPU में बवाल के बाद FIR दर्ज, छात्रों ने रखीं कई मांगें; महिला SI नवजोत कौर को मिली जांच की जिम्मेदारी
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में कथित घटना को लेकर छात्रों के विरोध और हंगामे के बीच पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। छात्रों की शिकायत के आधार पर कपूरथला जिले के सतनामपुरा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल FIR में किसी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत में कथित घटना 23 सितंबर 2026 को LPU के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-3 के अंदर होने की बात कही गई है। छात्रों की ओर से आधिकारिक शिकायत दिए जाने के बाद 27 सितंबर 2026 को सुबह 10:17 बजे FIR दर्ज की गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है।
FIR दर्ज कराने के दौरान छात्रों ने पुलिस के सामने जांच को लेकर कई मांगें रखीं। छात्रों की प्रमुख मांग है कि घटना के समय हॉस्टल में लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की जाए। उनका कहना है कि CCTV फुटेज से घटनाक्रम की जानकारी जुटाने और संबंधित लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। छात्रों ने कथित पीड़िता के हॉस्टल कमरे को सील करने की मांग भी की है, ताकि संभावित साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो।
छात्रों की शिकायत में यूनिवर्सिटी के कुछ अधिकारियों और हॉस्टल वॉर्डन पर भी कथित तौर पर मामले को दबाने या छिपाने की कोशिश करने के आरोप लगाए गए हैं। छात्रों ने मांग की है कि जांच के दौरान यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हालांकि, अभी तक पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और किसी अधिकारी या वॉर्डन को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।
पुलिस अब मामले की जांच कई स्तरों पर कर रही है। इसमें हॉस्टल की CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और मोबाइल फोन से जुड़े डेटा की जांच शामिल है। जांच के आधार पर पुलिस घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला सब-इंस्पेक्टर नवजोत कौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में हॉस्टल परिसर में मौजूद डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है।
घटना को लेकर LPU परिसर में छात्रों का विरोध भी देखने को मिला। छात्रों ने कथित घटना को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके बाद कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आने की बात कही गई। विरोध के दौरान छात्रों की ओर से चंडीगढ़-अमृतसर नेशनल हाईवे जाम किए जाने की भी जानकारी सामने आई।
वहीं, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों और दावों को झूठा और भ्रामक बताया है। यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए झूठी और मनगढ़ंत अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और यूनिवर्सिटी के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर ही विश्वास करें।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और किसी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है। मामले में आगे की स्थिति CCTV, फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।