UP MLC Election 2026: BJP ने घोषित किए 6 प्रत्याशी, गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी मैदान में
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने छह अधिकृत उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की ओर से जारी सूची में वाराणसी, मेरठ, इलाहाबाद-झांसी, आगरा और गोरखपुर-फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं।
बीजेपी ने वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार बनाया है। वहीं वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को चुनाव मैदान में उतारा गया है।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को दोबारा मौका दिया गया है। त्रिपाठी इस सीट से लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं। अब बीजेपी के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर वह चौथी बार चुनाव मैदान में उतरेंगे। उनके नाम को लेकर पार्टी के भीतर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, जिसके बाद अब पार्टी ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कुल 11 सीटों पर यह चुनाव होना है। इनमें पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
विधान परिषद चुनाव को लेकर बीजेपी ने संगठन स्तर पर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की ओर से शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों के साथ बैठकें और विधानसभा स्तर पर शिक्षक-स्नातक सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी भी की जा रही है।
इन चुनावों के जरिए विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। बीजेपी की ओर से छह उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जाने के बाद अब संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
विधान परिषद की इन 11 सीटों के चुनाव को उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले इस चुनाव में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच राजनीतिक दलों का प्रदर्शन चर्चा में रहेगा।