बहरीन की महिला SGPC सराय में कैसे पहुंची? AAP ने सुखबीर बादल से मांगा जवाब
पंजाब में बहरीन की एक महिला के श्री आनंदपुर साहिब स्थित SGPC सराय में कई महीनों तक रहने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया और SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी से कई सवालों के जवाब मांगे हैं।
बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि बहरीन की महिला करीब आठ महीने तक SGPC की सराय में रही और इस दौरान SGPC के संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि महिला को पंजाब कौन लेकर आया, उसके ठहरने की व्यवस्था किसने की और उसके रहने, खाने, यात्रा तथा दूसरी सुविधाओं का खर्च किसने उठाया। इन आरोपों और सवालों के बीच मामले की जांच SGPC की ओर से गठित कमेटी कर रही है।
पन्नू ने हरसिमरत कौर बादल की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि हरसिमरत कौर महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं, लेकिन इस मामले में सामने आए सवालों पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से जवाब नहीं दिया है। इसी तरह उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया से भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सवालों का सामना करने की मांग की।
हरजिंदर सिंह धामी को लेकर पन्नू ने कहा कि उन्हें इस मामले पर सामने आकर जवाब देना चाहिए। पन्नू का दावा है कि महिला ने धामी और सुखबीर सिंह बादल को मामले से जुड़ी जानकारी देने की बात कही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच कमेटी यह पता लगाएगी या नहीं कि वरिष्ठ नेताओं को इस मामले की जानकारी कब मिली और उसके बाद क्या कार्रवाई की गई।
बलतेज पन्नू ने SGPC की ओर से बनाई गई चार सदस्यीय जांच कमेटी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच किसी सेवानिवृत्त सिख जज या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जैसे अनुभवी व्यक्ति से कराई जानी चाहिए थी। पन्नू के मुताबिक, कमेटी को रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, लेकिन वह चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष और पूरी तरह स्पष्ट तरीके से हो। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SGPC की सब-कमेटी को मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
मामले में सबसे अहम सवालों में से एक कथित तौर पर ₹1 लाख के ट्रांसफर को लेकर है। बलतेज पन्नू ने दावा किया कि 23 जुलाई 2026 को पंजाब नेशनल बैंक में SGPC सचिव के नाम से जुड़े खाते से बहरीन की महिला के खाते में ₹1 लाख ट्रांसफर किए गए। उन्होंने SGPC से पूछा कि यह रकम किस उद्देश्य से भेजी गई, भुगतान को किसने मंजूरी दी और इसे किस मद में दर्ज किया गया। इस लेनदेन की स्वतंत्र पुष्टि या इसका उद्देश्य सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होना अभी बाकी है।
पन्नू ने इसके अलावा महिला के कथित आठ महीने के ठहराव के दौरान हुए पूरे खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। इसमें रहने, भोजन, यात्रा, वाहन, ईंधन, ड्राइवर और अन्य सुविधाओं पर हुए खर्च का विवरण शामिल है। उन्होंने कहा कि अगर इन सुविधाओं के लिए SGPC के संसाधनों का इस्तेमाल हुआ है तो इसकी जानकारी सिख संगत के सामने रखी जानी चाहिए।
बलतेज पन्नू ने यह भी सवाल उठाया कि महिला को पंजाब कौन लेकर आया और उसकी यात्रा तथा रहने की व्यवस्था किसने कराई। उन्होंने सरबजीत सिंह झिंझर और विरसा सिंह वल्टोहा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक झिंझर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और मामले में CBI जांच की मांग की है।
यह विवाद उस महिला की शिकायत से भी जुड़ा है, जिसमें पूर्व अकाली नेता और SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में 21 अगस्त को FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। महिला के आरोपों और मामले से जुड़े अन्य दावों की जांच जारी है, इसलिए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
पन्नू ने अंत में SGPC की कार्यप्रणाली और चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि SGPC के चुनाव लंबे समय से क्यों नहीं हुए और सिख संगत को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर क्यों नहीं मिला। उनका कहना है कि SGPC के संसाधनों और उसके कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।