बिहार MLC चुनाव में कांग्रेस ने उतारे 5 उम्मीदवार, RJD से 3 सीटों पर सीधा मुकाबला
बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर ही मुकाबले की स्थिति बन गई है। कांग्रेस ने 23 अक्टूबर को होने वाले बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ऐसे हैं, जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला उसकी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवारों से होगा। बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। वहीं पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संजय यादव को मैदान में उतारा गया है। इन दोनों सीटों पर फिलहाल कांग्रेस और RJD के बीच सीधा मुकाबला नहीं है। RJD ने दरभंगा शिक्षक सीट पर अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, जबकि पटना शिक्षक सीट पर भी RJD चुनाव नहीं लड़ रही है।
वहीं तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस और RJD के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। कांग्रेस ने कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक से असदुल्लाह खान को प्रत्याशी बनाया है। इन तीनों सीटों पर RJD भी अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। RJD ने इससे पहले छह सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा की थी और बाकी सीटों को लेकर बाद में फैसला करने की बात कही थी।
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव में चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वही लोग मतदान कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय से कम से कम तीन साल पहले स्नातक की डिग्री हासिल की हो और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में रहते हों। इसके साथ ही उनका नाम संबंधित विशेष मतदाता सूची में दर्ज होना जरूरी है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के लिए माध्यमिक विद्यालय, कॉलेज या विश्वविद्यालय में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव जरूरी है। शिक्षक मतदाताओं का नाम भी संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत होना चाहिए। इस चुनाव में कांग्रेस और RJD के बीच तीन सीटों पर होने वाला सीधा मुकाबला महागठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।