यूपी में खादी के कपड़ों पर 25% छूट, CM योगी ने 30 जनवरी 2027 तक किया ऐलान
आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में गांधी जयंती के मौके पर कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में कई बड़े ऐलान किए गए। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की आधारशिला रखी गई। इसी कार्यक्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अनंत अंबानी का खास अंदाज में स्वागत करते हुए उन्हें ‘आंध्र का लाडला बेटा’ बताया। इससे पहले अनंत अंबानी ने अपने संबोधन में खुद को आंध्र प्रदेश की धरती से जुड़ा बताते हुए कहा कि राज्य के विकास के लिए वह जो भी कर सकते हैं, उसके लिए तैयार हैं। दोनों नेताओं के बीच इस आत्मीय संवाद की कार्यक्रम में चर्चा रही।
इस मौके पर रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब की भी आधारशिला रखी गई। करीब 40 हजार करोड़ रुपये के इस प्रस्तावित हॉर्टिकल्चर हब का उद्देश्य क्षेत्र में बागवानी और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में बताया गया कि इन परियोजनाओं के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जाएगा।
अनंत अंबानी ने कहा कि इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के जरिए किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश ने दुनिया को कई बड़े कॉरपोरेट सीईओ दिए हैं, उसी तरह यह संस्थान किसानों को उनके खेत का ‘सीईओ’ बनाने की दिशा में काम करेगा। यहां ड्रोन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के इस्तेमाल के जरिए खेती को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा।
रिलायंस की ओर से इस पहल के तहत किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए गांवों में वर्चुअल क्लासरूम विकसित करने की योजना बताई गई है। इसके अलावा जियो कृषि के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक किसानों तक पहुंचाने और पशुपालन के क्षेत्र में वंतारा के अनुभव का इस्तेमाल करने की बात कही गई। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों से भी जोड़ना है।
अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं में 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा भी की। कार्यक्रम में दावा किया गया कि इस निवेश से राज्य में करीब 3 लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही किसानों को कृषि के साथ ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में रखी गई इन योजनाओं के जरिए आंध्र प्रदेश में आधुनिक कृषि, बागवानी, पशुपालन और नवीकरणीय ऊर्जा को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सरकार और रिलायंस की ओर से घोषित योजनाओं के लागू होने के बाद इनका वास्तविक प्रभाव निवेश, रोजगार और किसानों की आय पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर सामने आएगा।