टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से हड़कंप, दिल्ली-पंजाब मॉड्यूल पर शक; 7 सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस अब कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दिल्ली और पंजाब मॉड्यूल की भूमिका की जांच कर रही है। रविवार, 18 अक्टूबर की शाम हुई इस घटना में कार पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। बताया गया है कि फायरिंग के दौरान अभिनेता के ड्राइवर और एक ऑटो चालक को गोली लगी। मामले में अनिल पंडित और हरमन सिंधू के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की ओर से हमले की जिम्मेदारी लिए जाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि इसकी प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
इस मामले ने मुंबई पुलिस के सामने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। अब तक मुंबई में हुई कुछ चर्चित फायरिंग और धमकी की घटनाओं में बिश्नोई गैंग के कथित पुणे मॉड्यूल की भूमिका की जांच होती रही है। इस मॉड्यूल का कथित सरगना शुभम लोंकर बताया जाता है। अक्टूबर 2024 में हुई फायरिंग की घटना के साथ-साथ भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को धमकी देने और अभिनेता रोहित शेट्टी से जुड़े धमकी एवं फायरिंग मामलों में भी इस नेटवर्क की भूमिका होने के दावे सामने आए थे।
हालांकि, टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच का दायरा दिल्ली और पंजाब तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती दावों के मुताबिक, अनिल पंडित और हरमन सिंधू के संबंध अमोल बिश्नोई से बताए जा रहे हैं। कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई के नाम पर ली गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यदि इस वारदात के पीछे बिश्नोई गैंग का हाथ है, तो इसमें पुणे मॉड्यूल के बजाय दिल्ली और पंजाब के नेटवर्क का इस्तेमाल क्यों किया गया।
जांच के दौरान पुलिस के सामने सात बड़े सवाल हैं। पहला, क्या फायरिंग करने वाले हमलावर पहले से प्रशिक्षित शूटर थे? दूसरा, वे वारदात से कितने दिन पहले मुंबई पहुंचे थे? तीसरा, क्या उन्होंने नेहरू नगर या सांताक्रूज इलाके में कोई मकान किराए पर लिया था? चौथा, उन्हें हथियार, मोटरसाइकिल और पैसे किसने उपलब्ध कराए? पांचवां, वारदात को अंजाम देने के लिए स्थानीय स्तर पर किसने मदद की? छठा, मुंबई में उनका स्थानीय संपर्क या संभावित स्लीपर सेल कौन था? सातवां, क्या विदेश में मौजूद बताए जा रहे शुभम लोंकर और जीशान अख्तर की इस कथित साजिश में कोई भूमिका थी?
मुंबई क्राइम ब्रांच फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार के स्रोत का भी पता लगा रही है। जांच की जा रही है कि हथियार देसी था या विदेशी और मोटरसाइकिल की व्यवस्था किसने की थी। इसके अलावा, हमलावरों को आर्थिक मदद देने, उन्हें पनाह देने या वारदात के बाद अन्य सहायता पहुंचाने वाले संभावित सहयोगियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस हमलावरों की आवाजाही, उनके संपर्कों और स्थानीय नेटवर्क की भूमिका को भी खंगाल रही है।
फिलहाल, इस मामले में कथित गैंग की जिम्मेदारी, दिल्ली-पंजाब मॉड्यूल की भूमिका और स्थानीय मददगारों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग की साजिश किसने रची, हमलावरों को किसने संसाधन मुहैया कराए और क्या इस घटना का संबंध पहले सामने आए अन्य मामलों से भी है।