PM मोदी पर कथित टिप्पणी के बाद रुचिका की पहचान की जांच तेज, नए तथ्य आए सामने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में जांच के दौरान रुचिका सिंह से जुड़ी नई जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि रुचिका ने नोएडा के एक नेल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर में कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर प्रवेश लिया था। मामला अब केवल आपत्तिजनक टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसकी पहचान और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा बन गई है।
जानकारी के अनुसार, नोएडा सेक्टर-135 स्थित एक नेल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर में रुचिका ने तीन महीने का कोर्स ज्वाइन किया था। सेंटर संचालक टीपी त्रिपाठी का दावा है कि प्रवेश के समय उसने अपना नाम ‘मेनिशल जैन’ बताया था। संस्थान की ओर से आधार कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज जमा करने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन उसने हर बार अलग-अलग कारण बताकर दस्तावेज देने से परहेज किया। संचालक के मुताबिक, जब दस्तावेज जमा करने को लेकर सख्ती की गई तो उसने महज 9 दिनों के भीतर ही प्रशिक्षण छोड़ दिया।
सेंटर संचालक का यह भी कहना है कि रुचिका ने खुद को केवल 12वीं तक शिक्षित बताया था और कभी यह नहीं बताया कि उसका किसी मेडिकल प्रवेश परीक्षा या अन्य शैक्षणिक गतिविधि से संबंध है। दस्तावेज जमा न करने और पहचान को लेकर टालमटोल करने के कारण संस्थान को पहले से ही उस पर संदेह होने लगा था।
यह मामला उस समय सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हुआ। प्रारंभिक तौर पर दर्ज जीरो एफआईआर को बाद में संबंधित क्षेत्राधिकार के तहत दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि रुचिका मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद जिले के ऊंचा गांव की रहने वाली बताई जा रही है और वह नोएडा सेक्टर-168 स्थित एक सोसाइटी में रह रही थी। हालांकि, पुलिस जब सत्यापन के लिए उसके बताए गए पते पर पहुंची तो फ्लैट बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी पहचान और अन्य तथ्यों की पुष्टि के लिए जांच का दायरा बढ़ा दिया।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर अलग नाम का इस्तेमाल करने के पीछे क्या वजह थी और क्या इसका संबंध वर्तमान मामले से है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।