
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले 10 से 12 वर्षों में भारत में करीब 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई केवल नारों तक सीमित रहती थी, लेकिन अब देश में जमीनी स्तर पर गरीबी कम करने के लिए काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने गरीबों के सशक्तीकरण, सुशासन और विकास के एजेंडे को अपनी सरकार की प्रमुख पहचान बताया।
पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में एनडीए सरकार को देश की सेवा का अवसर मिलने के बाद शहरी मध्यम वर्ग के जीवन को आसान बनाने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने के संकल्प के साथ काम शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचे का विस्तार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने गरीबी में कमी और आर्थिक विकास को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याणकारी योजनाओं में बढ़ता निवेश लोगों के जीवन में बदलाव ला रहा है और रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। उनके मुताबिक, गरीब परिवारों को पक्के मकान, शौचालय, नल से पानी और एलपीजी कनेक्शन जैसी सुविधाएं मिलने से उनके जीवन स्तर और आत्मविश्वास में सुधार हुआ है। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बताते हुए गरीबी में कमी को भी रेखांकित किया।
पीएम मोदी ने शहरी परिवहन के क्षेत्र में हुए विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश का परिचालन मेट्रो नेटवर्क केवल 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर हो गया है। पहले देश के पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी, जबकि अब 26 शहरों में मेट्रो चल रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं और भारत दुनिया के तीन सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाले देशों में शामिल हो गया है।
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन को 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। करीब 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी के आईटी हब को जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। इस लाइन की एक खास विशेषता यह है कि इसका संचालन महिला कर्मचारी करेंगी। प्रधानमंत्री ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखी। इस चरण पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके तहत चार नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी। साथ ही देशवासियों से अपील की कि त्योहारों के दौरान सूखे से प्रभावित किसान परिवारों का भी ध्यान रखा जाए, ताकि उनके घरों तक दिवाली की खुशियां पहुंच सकें। उन्होंने पीएम-किसान योजना के तहत मिल रही सहायता का उल्लेख करते हुए किसानों के समर्थन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन में गरीबी कम करने के दावे के साथ शहरी विकास, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार और किसानों को सहायता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि गरीबों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं।



