
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा को उत्तर प्रदेश के लिए श्राप बताते हुए आरोप लगाया कि जब-जब पार्टी सत्ता में आई, प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और अराजकता का माहौल पैदा हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले त्योहारों के दौरान लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताती थी, लेकिन आज उत्तर प्रदेश दंगा और कर्फ्यू मुक्त हो चुका है।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोंडा जिले की गौरा विधानसभा क्षेत्र के तेजपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पिछली सपा सरकार के कार्यकाल और मौजूदा भाजपा सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान किसी तरह की बाधा नहीं आती है। नवरात्र, दुर्गा पूजा और कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो रहे हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर हुई गोलीबारी का भी जिक्र किया। उन्होंने तत्कालीन सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं, जबकि आज भाजपा सरकार में अयोध्या में रामभक्तों पर फूलों की वर्षा की जा रही है और भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ है। योगी ने कहा कि पहले धार्मिक आयोजनों को लेकर विवाद खड़े किए जाते थे और देवीपाटन मंडल में दुर्गा पूजा के पंडालों तक को अनुमति नहीं मिलती थी। कांवड़ यात्रा पर भी रोक लगाने की कोशिश की जाती थी।
मुख्यमंत्री ने सपा सरकार पर गरीबों और जरूरतमंदों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान गरीब परिवारों के बच्चों के स्वास्थ्य और इलाज को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। गोंडा, बलरामपुर और बहराइच में अज्ञात बीमारी से बच्चों की मौत के मामले सामने आते थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग भी बीमारी की पहचान नहीं कर पाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय गरीबों के अधिकारों पर डाका डाला जाता था और युवाओं के भविष्य तथा रोजगार के अवसरों के साथ खिलवाड़ होता था।
योगी आदित्यनाथ ने गोंडा की स्वच्छता व्यवस्था का उदाहरण देते हुए 2016 के स्वच्छता सर्वेक्षण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय गोंडा की गिनती देश के सबसे गंदे शहरों में होती थी। मुख्यमंत्री ने सपा शासनकाल में हुए खाद्यान्न घोटाले का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि गरीबों तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था।
वहीं, मौजूदा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गरीबों को मुफ्त राशन, रसोई गैस और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सरकार की कोशिश है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं। योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था, धार्मिक स्वतंत्रता, गरीबों के कल्याण और विकास को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए सपा के शासनकाल पर सवाल उठाए।



