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इस नाम से जाने जाएंगे रामलला,पुजारी ने किया दावा

इस नाम से जाने जाएंगे रामलला,पुजारी ने किया दावा

अयोध्या – रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन संपन्न हो गया. राम जी की मूर्ति को प्रतिष्ठित किया गया है, उसे अब ‘बालक राम’ के नाम से जाना जाएगा, क्योंकि इसमें भगवान को पांच साल के लड़के के रूप में दर्शाया गया है. इस बात की जानकारी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से जुड़े पुजारी अरुण दीक्षित ने दी.

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए पुजारी अरुण दीक्षित ने कहा कि भगवान राम की मूर्ति का नाम बालक राम रखने का कारण ये है कि वो एक 5 साल के बच्चे के रूप में दिखते हैं. उन्होंने आगे कहा, “जब मैंने पहली बार मूर्ति देखी तो मैं रोमांचित हो गया और मेरे आंसू बहने लगे. तब मुझे जो एहसास हुआ उसको बयां करना मुश्किल है.”

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुताबिक, बालक राम की मूर्ति के लिए आभूषण आध्यात्म रामायण, वाल्मिकी रामायण, रामचरितमानस और अलवंदर स्तोत्रम जैसे ग्रंथों के गहन शोध और अध्ययन के बाद तैयार किए गए हैं. मूर्ति को बनारसी कपड़े से सजाया गया, जिसमें एक पीली धोती और एक लाल ‘पताका’ या ‘अंगवस्त्रम’ है. ‘अंगवस्त्रम’ को शुद्ध सोने की ‘जरी’ और धागों से सजाया गया, जिसमें शुभ वैष्णव प्रतीक – ‘शंख’, ‘पद्म’, ‘चक्र’ और ‘मयूर’ शामिल हैं.

रामलला की मूर्ति को मैसूर स्थित मूर्तिकार अरुण योगीराज ने तराशा है. इस 51 इंच की मूर्ति को तीन अरब साल पुरानी चट्टान से बनाया गया है. भव्य राम मंदिर के लिए रामलला की मूर्तियां तीन मूर्तिकारों – गणेश भट्ट, योगीराज और सत्यनारायण पांडे ने बनाईं थीं.

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