मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
SIR विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘वोट चोरी’ के बाद पाप धोने के लिए लाया गया SIR अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा का अनोखा स्वागत, बुलडोजर से बरसाए गए फूल पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा यूपी चुनाव 2027 में JDU की एंट्री तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी लॉन्चिंग यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: FIR में बड़ा खुलासा, यात्रियों के मुताबिक बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान

मुख्यमंत्री योगी की पहल से पुनर्जीवित हुई नून नदी, फिर लौटी हरियाली और पहचान

मुख्यमंत्री योगी की पहल से पुनर्जीवित हुई नून नदी, फिर लौटी हरियाली और पहचान

कानपुर – कानपुर नगर की सूख चुकी नून नदी अब दोबारा बहने लगी है। एक समय जो नदी पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, नक्शे से गायब, गाद से भरी, अतिक्रमण से दब चुकी थी, वह अब जलधारा बनकर फिर से जीवन देने लगी है। यह परिवर्तन यूं ही नहीं आया, इसके पीछे है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच और प्रतिबद्धता, जिन्होंने “एक जिला – एक नदी” पहल के माध्यम से राज्य की मृतप्राय नदियों को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच ने यह साबित कर दिया कि परिवर्तन की सबसे बड़ी धारा संकल्प से निकलती है और यही नून नदी की असली कहानी है। नून नदी का यह पुनर्जागरण न केवल कानपुर नगर के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है। यह बताता है कि जब राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक सक्रियता और जनता की भागीदारी एक साथ आती है, तो मिट चुकी नदियां भी फिर से जीवनदायिनी बन सकती हैं।

नून नदी, जो कभी बिल्हौर, शिवराजपुर और चौबेपुर के खेतों को सींचती थी, बच्चों के खेल की साक्षी थी और ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा थी वह नदी उपेक्षा की शिकार हो चुकी थी। न तो उसमें पानी बचा था, न कोई पहचान। अतिक्रमणों और गाद ने धारा को पूरी तरह बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच थी कि प्रदेश की उन नदियों को फिर से जिंदा किया जाए, जो किसी समय समाज और प्रकृति का हिस्सा थीं। “एक जिला – एक नदी” योजना इसी सोच की उपज है। नून नदी का चयन इस योजना के आदर्श मॉडल के रूप में हुआ। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के नेतृत्व में इस कार्य को एक सरकारी योजना से अधिक जनभागीदारी अभियान बनाया गया।

48 किमी. लंबी नून नदी का पुराना रास्ता खोजने में राजस्व अभिलेख, ग्रामीणों की यादें, ड्रोन सर्वेक्षण और सैटेलाइट इमेज का सहारा लिया गया। स्थानीय बुजुर्गों ने बताया कि कहां से बहती थी नदी, और कैसे गायब हो गई। इसके बाद मनरेगा योजना के तहत सफाई, खुदाई, गाद निकासी और तटबंध निर्माण का कार्य आरंभ हुआ। इसके तहत करीब 6,000 श्रमिकों ने 58 ग्राम पंचायतों से मिलकर करीब 23 किलोमीटर की खुदाई और सफाई का कार्य किया। मशीनों की जगह श्रमिकों के श्रम का उपयोग किया गया, जिससे न केवल काम की संवेदनशीलता बनी रही, बल्कि रोज़गार भी मिला। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग ₹57 लाख खर्च हुए और 23,000 से अधिक मानव दिवस का सृजन हुआ।

कानपुर नगर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप नून नदी को चिह्नित किया गया था। इसका ड्रोन से एरियल सर्वे भी कराया गया और सैटेलाइट इमेज के माध्यम से इसके मार्ग की भी पहचान की गई। पता चला कि यह नदी काफी जगह अतिक्रमित थी और इसमें जलकुम्भी भी आ गई थी। कई जगह भारी मात्रा में मिट्टी भी जमा थी। फरवरी में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इसके पुनर्जीवन का कार्यक्रम शुरू किया गया। इसमें अधिकतम काम मनरेगा के माध्यम से संचालित किया गया। फैक्ट्री का दूषित जल आ रहा था, उसे नोटिस करके बंद करवाया गया। प्राइवेंट कंपनियों, स्थानीय उद्योगों की भी इसमें मदद ली गई। नतीजा बेहद उत्साहजनक रहा। जो नदी बिल्कुल खत्म हो चुकी थी आज उसमें बड़ी मात्रा में जल संचयन हो रहा है। हाल ही में पौधरोपण अभियान के तहत यहां नदी के किनारे 40 हजार से ज्यादा पौधरोपण किया गया है। नदी के पुनर्जीवन की प्रगति देखकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है।

Share
अगला लेख → "पहलगाम आतंकी हमले का खौफनाक खुलासा: 26 पर्यटकों की हत्या के…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *