मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

ISRO का अद्भुत प्रयोग, अंतरिक्ष में अंकुरित हुआ लोबिया का बीज

ISRO का अद्भुत प्रयोग, अंतरिक्ष में अंकुरित हुआ लोबिया का बीज

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। इस बार, ISRO ने अंतरिक्ष में लोबिया के बीजों को अंकुरित करने में सफलता प्राप्त की है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जल्द ही इन बीजों से पत्तियां भी निकलने लगेंगी। इस सफलता के साथ ही ISRO ने कम गुरुत्वाकर्षण में पौधों की वृद्धि पर अध्ययन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस प्रयोग से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि अंतरिक्ष में पौधों की वृद्धि किस प्रकार होती है, जो भविष्य के लंबे अंतरिक्ष अभियानों में सहायक साबित हो सकता है।

ISRO ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर इस सफलता की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “स्पेस में जीवन की शुरुआत! VSSC का CROPS (कंपैक्ट रिसर्च मॉड्यूल फॉर ऑर्बिटल प्लांट स्टडीज) प्रयोग PSLV-C60 POEM-4 के माध्यम से सफलतापूर्वक हुआ। चार दिन में लोबिया के बीजों ने अंकुरण किया, और अब पत्तियां जल्द ही निकलने की उम्मीद है।” यह बीज 30 दिसंबर को PSLV-C60 रॉकेट द्वारा स्पेस एक्स मिशन के साथ भेजे गए थे।

विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) द्वारा विकसित CROPS प्रयोग ने माइक्रोग्रैविटी, यानी कम गुरुत्वाकर्षण में पौधों की वृद्धि का अध्ययन करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस प्रयोग के तहत चार दिनों में लोबिया के बीज सफलतापूर्वक अंकुरित हो गए हैं और पत्तियां निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि अंतरिक्ष में पौधों की वृद्धि कैसे होती है, जिससे भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों के दौरान फसल उत्पादन को संभव बनाया जा सके।

इस प्रयोग में लोबिया के 8 बीजों को नियंत्रित वातावरण में उगाया गया, जिसमें सक्रिय थर्मल नियंत्रण भी था। इसके माध्यम से उन परिस्थितियों का अनुकरण किया गया, जिनसे पौधे अंतरिक्ष यात्रा के दौरान गुजरते हैं। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष जीवविज्ञान अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और अंतरिक्ष में पौधे उगाने की क्षमता को उजागर करती है।

Share This
अगला लेख → लखनऊ में ठंड के चलते 8वीं तक के स्कूल बंद, 9वीं से 12वीं तक …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
24°C
Patchy rain nearby
💧 93% 💨 4 km/h
Dehradun