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‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी

‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी तरह की वसूली या लेन-देन को लेकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि नियुक्ति पत्र पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से अगर किसी ने पैसे की मांग की तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे जेल जाना पड़ सकता है।

सीएम योगी ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक को नियुक्ति को लेकर कोई आपत्ति या जिज्ञासा है तो वह शासन के सामने अपनी बात रख सकता है। लेकिन नियुक्ति पत्र मिलने के बाद किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से लेन-देन की बात की गई तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी तरीके से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी अभ्यर्थी के अधिकार के साथ खिलवाड़ या नियुक्ति के बदले पैसे की मांग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित संस्थानों को भी नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार को 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में सरकार की ओर से 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में करीब 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में करीब एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए ‘सैफई सिंडिकेट’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि अब ऐसे लोगों के लिए प्रतिभावान युवाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भर्ती आयोगों और बोर्डों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ऐसे अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिन्होंने पुलिस सेवा में बेहतर काम किया है।

सीएम योगी ने एक हालिया नियुक्ति पाने वाले युवक का उदाहरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उस युवक ने 2015-16 में भी इसी पद के लिए आवेदन किया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उस समय उससे कथित तौर पर आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। युवक ने खेत बेचकर पैसे जुटाए, लेकिन उससे अधिक रकम देने वाला दूसरा अभ्यर्थी आगे आ गया और उसे नौकरी नहीं मिल सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में पूरी प्रक्रिया निरस्त हुई और अब उसी युवक का चयन हुआ है तथा उसे नियुक्ति पत्र मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या पक्षपात की गुंजाइश न रहे। इसी संदर्भ में उन्होंने नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि यदि उनसे पैसे की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत की जानी चाहिए और दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

शिक्षकों की भूमिका पर बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक शिक्षक केवल एक नौकरी करने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह आने वाली पीढ़ी को तैयार करने की जिम्मेदारी निभाता है। उन्होंने कहा कि यदि एक शिक्षक हर वर्ष करीब 100 विद्यार्थियों के साथ संवाद करता है, तो नियुक्त किए जा रहे 3,567 शिक्षक एक वर्ष में लाखों बच्चों के मार्गदर्शन और शिक्षा से जुड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को सही दिशा देना और उनकी प्रतिभा को विकसित करना विकसित भारत की नींव तैयार करने जैसा है। उन्होंने तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा बहुत पुरानी और समृद्ध रही है। जरूरत इस बात की है कि इस विरासत को आधुनिक शिक्षा और नवाचार के साथ आगे बढ़ाया जाए।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार स्कूल, कॉलेज और प्रयोगशालाओं के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध करा सकती है, उद्योग लगाने के लिए वातावरण तैयार कर सकती है और रोजगार के अवसर पैदा कर सकती है। लेकिन इन संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे होगा, यह प्रशिक्षित और सक्षम युवाओं पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों को इस दिशा में तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शिक्षा, रोजगार, कौशल और नवाचार की यह पूरी प्रक्रिया मजबूत होगी, तभी आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा। कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों और शिक्षकों से उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करने की अपील की।

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