‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला
मेरठ में आयोजित भाजपा के पश्चिम क्षेत्र शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कट्टे और बंदूक की राजनीति नहीं चलेगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने देश को परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी, जिसके चलते राजनीति का उद्देश्य जनसेवा के बजाय निजी स्वार्थ तक सीमित होता चला गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय तक परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति का प्रभाव देखने को मिला। उनके मुताबिक, सत्ता को शोषण का माध्यम बना दिया गया और राजनीति में आने का उद्देश्य अपने हित साधना मान लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने इसके विपरीत राजनीति में राष्ट्र प्रथम की भावना को प्राथमिकता दी और यह संदेश दिया कि राजनीति का मूल सवाल यह होना चाहिए कि व्यक्ति देश के लिए क्या कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कानून व्यवस्था को मजबूत करने और भयमुक्त वातावरण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रदेश में कट्टे और बंदूक की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। उनका यह बयान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और राजनीतिक बदलाव के मुद्दे के बीच आया है।
शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन के उद्देश्य पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं की शक्ति को जागृत किया जाता है और उसे संगठन के लिए उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ प्रधानमंत्री के संकल्पों के अनुरूप देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में अपनी भूमिका तय करनी चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसी उद्देश्य से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मेरठ में आयोजित सम्मेलन में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका के जरिए राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाया जा सकता है।
मेरठ में हुए इस सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा पार्टी के पश्चिम क्षेत्र के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे। सम्मेलन में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया।