‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला
लखनऊ, 21 सितंबर। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में योगी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार साफ दिखाई दे रही है, जिसके चलते पार्टी के नेता लगातार सरकार पर आरोप लगा रहे हैं।
दानिश आजाद अंसारी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य झूठ और भ्रम फैलाना रह गया है। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं को प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल के रिकॉर्ड पर भी बात करनी चाहिए। मंत्री ने विशेष रूप से 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में अपराध और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी से सवाल किया।
मंत्री ने कहा कि सपा को यह बताना चाहिए कि 2012 से 2017 के दौरान जब प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को लेकर सवाल उठते थे, तब पार्टी के नेता कहां थे। दानिश आजाद अंसारी के मुताबिक, उस दौर में लूट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने सवाल किया कि उस समय समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और जनता की सुरक्षा की चिंता क्यों नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में काम कर रही है। मंत्री का दावा है कि सरकार की नीतियों और विकास कार्यों के कारण उत्तर प्रदेश की छवि में बदलाव आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से समाजवादी पार्टी के नेता सरकार के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेताओं की ओर से पत्रकारों और रिपोर्टरों के साथ भी उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन उसे तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर इससे भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सपा अपने कार्यकर्ताओं के जरिए आम और गरीब लोगों पर जानबूझकर अत्याचार करवा रही है और उत्तर प्रदेश को बदनाम करने के लिए आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। हालांकि, ये आरोप दानिश आजाद अंसारी की ओर से लगाए गए हैं और इनके समर्थन में उन्होंने इस बयान में कोई विशिष्ट घटना या दस्तावेजी प्रमाण पेश नहीं किया।
अपने बयान के अंत में दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह कथित ‘चाल-चरित्र’ अब जनता के सामने है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता सपा की राजनीति और उसके बयानों को समझती है और आने वाले समय में उसके बहकावे में नहीं आएगी। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।