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ताजमहल में तीन दिवसीय उर्स की शुरुआत, पर्यटकों के लिए फ्री एंट्री और खास आयोजन

ताजमहल में तीन दिवसीय उर्स की शुरुआत, पर्यटकों के लिए फ्री एंट्री और खास आयोजन

आगरा स्थित ताजमहल में आज से तीन दिवसीय उर्स का आयोजन शुरू हो गया है, जो 26, 27 और 28 जनवरी तक चलेगा। यह विशेष अवसर ताजमहल में एक अलग ही रंग और माहौल का निर्माण करता है, जहां प्रेम और एकता की भावना महसूस की जाती है। ताजमहल, जो मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था, हर साल उर्स के दौरान एक नई चमक के साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत करता है।

इस बार उर्स के दौरान ताजमहल का प्रवेश पर्यटकों के लिए पूरी तरह से मुफ्त रखा गया है। पहले दो दिनों में पर्यटक दोपहर 2 बजे के बाद ताजमहल में प्रवेश कर सकते हैं, जबकि तीसरे और आखिरी दिन पूरे दिन का मुफ्त प्रवेश होगा। उर्स के पहले दिन ताजमहल में ‘घुसल’ की रस्म अदा की जाती है, इसके बाद अजान का ऐलान होता है और विशेष कव्वाली का आयोजन किया जाता है। दूसरे दिन ताजमहल पर ‘संदल की रस्म’ होती है, जिसमें ताजमहल की दीवारों पर चंदन का लेप लगाया जाता है, जिससे उसकी सुंदरता और निखर जाती है।

उर्स के अंतिम दिन ‘चादर पोशी’ की रस्म सबसे प्रमुख आकर्षण होती है। इस दिन दुनियाभर से लोग रंग-बिरंगी चादरें लेकर आते हैं, जिनमें से सबसे लंबी चादर, जिसे ‘हिंदुस्तानी सतरंगी चादर’ कहा जाता है, ताजमहल पर चढ़ाई जाती है। यह चादर विविध धर्मों और संस्कृतियों के बीच एकता का प्रतीक मानी जाती है।

चादर पोशी के बाद उर्स का लंगर शुरू होता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग एक साथ भोजन करते हैं, जो ताजमहल उर्स के सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है। यह आयोजन न केवल ऐतिहासिक रस्मों को जीवित करता है, बल्कि प्रेम, भाईचारे और मानवता के आदर्श को भी प्रस्तुत करता है।

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