मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
पंजाब में 4 साल में ₹1.89 लाख करोड़ का निवेश, 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार की संभावना सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा पर युवक को थप्पड़ मारने का आरोप, केजरीवाल ने मांगी गिरफ्तारी SIR पर विपक्ष को CM योगी का जवाब, बोले- भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे LPU में बवाल के बाद FIR दर्ज, छात्रों ने रखीं कई मांगें; महिला SI नवजोत कौर को मिली जांच की जिम्मेदारी ‘सैफई से सीख लेते तो गोरखपुर न डूब रहा होता’, अखिलेश यादव का CM योगी पर हमला साबरमती से दौड़ी देश की पहली LNG ट्रेन, अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी काला जादू से घट रही हाइट! 165 से 158 सेंटीमीटर हुई लंबाई, युवक ने कलेक्टर से लगाई गुहार UP International Trade Show का आगाज, अमित शाह-योगी ने दिखाई यूपी के हुनर की ग्लोबल ताकत योगी सरकार का बड़ा ग्लोबल दांव, UPITS 2026 में 85 देशों के खरीदारों से जुड़ेंगे यूपी के उद्यमी पंजाब में ED रेड पर सियासी संग्राम, सिसोदिया बोले- छापेमारी में कुछ नहीं मिलने वाला

कोरोना ने किया ‘किडनी’ बेचने को मजबूर

कोरोना ने किया ‘किडनी’ बेचने को मजबूर

आगरा – वैश्विक महामारी कोविंन19 कोरोना ने देश के लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट ला दिया खासकर परेशानी सबसे ज्यादा उन मध्यमवर्गीय परिवारों को हुई जो किसी के आगे हाथ भी नहीं फैला सकते न मांग सकते है ,ऐसा ही एक परिवार आगरा में है जो अपनी किडनी बेचने पर मजबूर हो गया , इस परिवार ने अपनी किडनी बेचने के लिए सीएम पीएम राष्ट्रपति और राज्यपाल स्थानीय प्रशासन को ट्वीट भी किया है

आगरा की मोनिका नाज खान जो अपने परिवार के साथ हंसी खुशी रह रही थी पहले इनके पति का जूते का कारख़ाना बंद हो गया उसके बाद उन्होंने बुटीक खोला फरवरी में खुला बुटीक वैश्विक महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन के कारण  बंद हो गया कुछ दिन तो जो पैसा घर में था उस से काम चलता रहा लेकिन वह पैसा भी कितने दिन चलता है जो पैसा था वो भी खत्म हुआ अब अनलॉक शुरू हुआ तो जीवन भी पटरी पर आने लगा जब जीवन पटरी पर आया तो बिजली का बिल सर पर आ गया बच्चों की फीस पर पर आ गई लेकिन घर में खर्चा तक के पैसे नहीं थे तो स्कूल की फीस और बिजली का बिल कैसे यह परिवार जमा करता,

इस मध्यमवर्गीय परिवार ने पहले ही अपनी बच्ची के इलाज के लिए 3 लाख का कर्जा लिया वो भी नही दे पा रही है तो इस परिवार की महिला मोनिका नाज ने फैसला किया कि अपनी एक किडनी बैच दे जिससे उसके परिवार का लालन पालन हो सके,और कर्जा अदा कर सके ।

Share
अगला लेख → अमरनाथ यात्रा का फैसला श्राइन बोर्ड करेगा - हाई कोर्ट

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *