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उत्तर प्रदेश के मेरठ में जहांगीर मस्जिद को JCB से रातों-रात क्यों गिराया गया ?

उत्तर प्रदेश के मेरठ में जहांगीर मस्जिद को JCB से रातों-रात क्यों गिराया गया ?

मेरठ के दिल्ली रोड पर स्थित ऐतिहासिक जहांगीर खां मस्जिद को शुक्रवार देर रात प्रशासन की निगरानी में हटा दिया गया। यह कदम रैपिड रेल कॉरिडोर और सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए उठाया गया, क्योंकि मस्जिद निर्माण कार्य में बाधा बन रही थी। प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के बीच आपसी सहमति बनने के बाद ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

समझौते के बाद कार्रवाई

पिछले कुछ दिनों से NCRTC के अधिकारी मस्जिद हटाने को लेकर स्थानीय प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। अंततः सहमति बनने के बाद, गुरुवार को मस्जिद का बिजली कनेक्शन काट दिया गया और मुख्य द्वार हटा दिया गया।

शुक्रवार को मस्जिद प्रबंधन समिति के कुछ सदस्यों और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसे स्वयं हटाने से इनकार कर दिया और प्रशासन से आग्रह किया कि सरकार खुद इसे हटाए। इस अनुरोध को मानते हुए प्रशासन ने रात के समय बुलडोजर लगाकर मस्जिद को हटाने की प्रक्रिया शुरू की।

रात में कार्रवाई का कारण

रात करीब 1:30 बजे प्रशासन ने बुलडोजर से मस्जिद हटाने का कार्य प्रारंभ किया। इससे पहले, मस्जिद से जुड़े लोगों ने वहां से धार्मिक और कीमती सामान निकाल लिया, साथ ही दरवाजे और चौखटें भी हटा लीं, ताकि इन्हें भविष्य में उपयोग किया जा सके। पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए चारों ओर हरे पर्दे लगाए गए थे। प्रशासन के अनुसार, ये पर्दे धूल से बचाव के लिए लगाए गए थे।

मस्जिद हटाने के बाद तुरंत ही मलबा साफ कर दिया गया और सड़क चौड़ीकरण और रैपिड रेल परियोजना के निर्माण कार्य की तैयारियां शुरू कर दी गईं।

मस्जिद हटाने की वजह

जहांगीर खां मस्जिद कई वर्षों पुरानी थी, लेकिन दिल्ली रोड पर यह रैपिड रेल और सड़क विस्तार परियोजना के लिए बाधा बन रही थी। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो, इसलिए प्रशासन ने मस्जिद को हटाने का फैसला लिया।

इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने के लिए प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय के साथ कई दौर की बातचीत की और आपसी सहमति के बाद ही इसे हटाया गया।

परियोजना का अगला चरण

अब इस स्थान पर जल्द ही रैपिड रेल कॉरिडोर का निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा और सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, जिससे यातायात सुगम हो सकेगा।

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