मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

हरदोई जेल से 17 महीने बाद रिहा हुए अब्दुल्ला आजम खान, रामपुर के लिए हुए रवाना

हरदोई जेल से 17 महीने बाद रिहा हुए अब्दुल्ला आजम खान, रामपुर के लिए हुए रवाना

    समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अब्दुल्ला आज़म खान मंगलवार को हरदोई जिला कारागार से करीब डेढ़ वर्ष बाद रिहा हो गए। जेल से बाहर निकलते समय सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हालांकि, उन्होंने न तो किसी से मुलाकात की और न ही मीडिया से कोई बातचीत की। रिहाई के तुरंत बाद वह रामपुर के लिए रवाना हो गए।

    अब्दुल्ला आज़म, सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान के बेटे हैं, जो फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई की खबर मिलते ही मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा सहित कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता हरदोई जेल के बाहर पहुंच गए।

    रुचि वीरा ने न्यायपालिका में अपना विश्वास दोहराते हुए कहा, “हमें हमेशा न्यायपालिका पर भरोसा था और आगे भी रहेगा। आज न्याय मिला है और हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी इंसाफ होगा।”

    हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अब्दुल्ला आज़म को जमानत दी थी, लेकिन रामपुर की सांसद-विधायक अदालत में लंबित कानूनी औपचारिकताओं के चलते उनकी रिहाई में देरी हो रही थी।

    पिछले कुछ वर्षों में अब्दुल्ला आज़म के खिलाफ 45 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें सभी में उन्हें जमानत मिल चुकी थी। हालांकि, जमानत सत्यापन से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण उनकी रिहाई में बाधा आ रही थी। सोमवार को सांसद-विधायक अदालत से उनकी रिहाई का आदेश हरदोई जेल भेजा गया, जिसके बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया।

    Share
    अगला लेख → क्या अरविंद केजरीवाल जाएंगे राज्यसभा? AAP ने दिया बड़ा बयान

    टिप्पणी करें

    Your email address will not be published. Required fields are marked *