मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बोले पीएम मोदी: “अशांति के दौर में योग ही मानवता की शांति की राह है”

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बोले पीएम मोदी: “अशांति के दौर में योग ही मानवता की शांति की राह है”

21 जून को पूरी दुनिया 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर पीएम मोदी ने योग को शांति, स्वास्थ्य और एकता का मार्ग बताते हुए इसे आज की अस्थिर दुनिया के लिए एक समाधान बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, “योग का मतलब ही है जोड़ना। आज यह देखना सुखद है कि योग ने पूरे विश्व को जोड़ा है। जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तो 175 देशों ने उसका समर्थन किया था। यह वैश्विक समर्थन एक अद्भुत एकजुटता का प्रतीक है।”
पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम है ‘One Earth, One Health’। उन्होंने समझाया कि पृथ्वी पर सभी जीवों और तत्वों का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा है — मिट्टी, पानी, पशु, पौधे और इंसान। योग हमें इस गहरे संबंध को समझने और प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है।
बढ़ते वैश्विक तनाव और संघर्षों की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आज विश्व कई क्षेत्रों में अशांति और अस्थिरता का सामना कर रहा है। ऐसे समय में योग वह विराम बटन है जिसकी मानवता को जरूरत है — शांति पाने, संतुलन बनाने और फिर से खुद को संपूर्ण करने के लिए।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत के प्रमुख चिकित्सा और अनुसंधान संस्थान योग की वैज्ञानिकता पर शोध कर रहे हैं ताकि योग को आधुनिक चिकित्सा में और मजबूत स्थान मिल सके। उन्होंने बताया कि 2 करोड़ से अधिक लोग ‘योगांद्र अभियान’ से जुड़ चुके हैं, और देश के गांवों तक योग की पहुंच बन चुकी है।
पीएम मोदी ने फिर एक बार मोटापे के खिलाफ जागरूकता अभियान की बात की और ‘मन की बात’ कार्यक्रम में उठाए गए ‘तेल में 10% कटौती’ के चैलेंज को दोहराया। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी शामिल हुए। पीएम ने विशाखापत्तनम को प्रकृति और प्रगति का संगम बताते हुए योग की भावना से इस शहर को जोड़ने पर खुशी जाहिर की।
पीएम मोदी का यह संदेश था कि चाहे शारीरिक स्वास्थ्य हो या वैश्विक मानसिक संतुलन— योग एक शक्तिशाली साधन है, जो हर व्यक्ति को खुद से और प्रकृति से जोड़ता है।

Share This
अगला लेख → जिसे बहू मान बैठी थी मां, वो बनी सौतन: बेटे की मंगेतर को लेक…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 89% 💨 5 km/h
Dehradun