मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

“रूस हमारा समय-परीक्षित साझेदार, ट्रंप की टैरिफ धमकी पर भारत का करारा जवाब”

“रूस हमारा समय-परीक्षित साझेदार, ट्रंप की टैरिफ धमकी पर भारत का करारा जवाब”

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार (1 अगस्त 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयानों के बावजूद भारत-रूस संबंधों में किसी भी तनाव की बात को खारिज कर दिया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के द्विपक्षीय संबंध स्वतंत्र और रणनीतिक हितों पर आधारित हैं, जिन्हें किसी तीसरे देश के दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।

जायसवाल ने भारत-रूस साझेदारी को स्थिर और मजबूत बताते हुए कहा कि रक्षा सहयोग राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों पर आधारित है। उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों पर भी जोर दिया, जिसमें साझा हित, लोकतांत्रिक मूल्य और लोगों के बीच मजबूत रिश्ते शामिल हैं। ट्रंप के “डेड इकोनॉमी” बयान पर उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका सकारात्मक एजेंडे पर केंद्रित हैं और दोनों देशों के संबंध प्रगति करेंगे।

रूसी तेल आपूर्ति बंद होने की खबरों पर जायसवाल ने कहा कि भारत वैश्विक बाजार और स्थिति के आधार पर ऊर्जा आवश्यकताओं का आकलन करता है, लेकिन कोई विशेष जानकारी नहीं है। रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जिसकी आयात में हिस्सेदारी 35-40% है। ईरान से व्यापार करने वाली भारतीय कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर विचार किया जा रहा है।

Share
अगला लेख → भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ से अमेरिका में क्या होगा महंगा

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *