मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

‘घूमने के नाम से ही घबराने लगते हैं लोग!’ एक्सपर्ट्स ने बताए इसके पीछे के साइकोलॉजिकल कारण

‘घूमने के नाम से ही घबराने लगते हैं लोग!’ एक्सपर्ट्स ने बताए इसके पीछे के साइकोलॉजिकल कारण

घूमने का नाम सुनते ही कुछ लोगों को चिंता, घबराहट और डर का अनुभव होने लगता है। यह कोई आम आलस या खानापूर्ति की भावना नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे साइकोलॉजिकल और मेंटल कारण होते हैं, जिन्हें एक्सपर्ट्स ने विस्तार से समझाया है।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह घबराहट या चिंता का एक रूप है जिसे अक्सर ‘ट्रैवल एंग्जायटी’ या ‘पैनिक डिसऑर्डर’ कहा जाता है। ऐसे लोग अपने सफर में अनजान जगहों, नए अनुभवों या अपरिचित परिस्थितियों को लेकर मानसिक रूप से असहज और तनावग्रस्त हो जाते हैं। इसके कारण दिल की धड़कन तेज होना, सांस फूलना, पसीना आना, चक्कर आना जैसे शारीरिक लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि यह स्थिति किसी मनोवैज्ञानिक विकार का संकेत भी हो सकती है, जिसमें व्यक्ति के मन में डर और बेचैनी इतनी बढ़ जाती है कि यह उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगती है। इसके पीछे तनाव, पुरानी नकारात्मक यादें या मानसिक थकान भी जिम्मेदार हो सकती है।

इस बात का समाधान ढूंढने के लिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि

मानसिक तनाव को कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और दीप श्वास अभ्यास करें

अपनी घबराहट के कारणों को समझें और जरूरत पड़ने पर मानसिक चिकित्सक से परामर्श लें

धीरे-धीरे छोटे-छोटे ट्रैवलिंग एक्सपीरियंस लेकर इस डर से बाहर आने की कोशिश करें

घबराहट को कम करने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह यात्रा का आनंद भी ले सकता है। इसलिए अगर घूमने के नाम से घबराने का अनुभव हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें बल्कि विशेषज्ञों की मदद अवश्य लें।

यह समस्या आम है, लेकिन सही सलाह और समझ के साथ इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

Share This
अगला लेख → आज का मेष राशिफल: हिम्मत और आत्मविश्वास बने आपके दिन की सबसे…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
26°C
Patchy rain nearby
💧 89% 💨 4 km/h
Dehradun