मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम ‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला

“भारत की अड़ियल नीति पर ट्रंप का कड़ा रुख, टैरिफ को लेकर अमेरिकी अधिकारी का बड़ा बयान”

“भारत की अड़ियल नीति पर ट्रंप का कड़ा रुख, टैरिफ को लेकर अमेरिकी अधिकारी का बड़ा बयान”

अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लागू कर दिया है. यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से 6 अगस्त 2025 के कार्यकारी आदेश 14329 के तहत लिया गया है. आदेश के अनुसार भारत से आयातित वस्तुओं पर पहले से मौजूद टैरिफ में 25 फीसदी की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई, जिससे कुल शुल्क 50 फीसदी हो गया है. अमेरिकी प्रशासन ने अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ इसलिए लगाने का फैसला लिया क्योंकि भारत रूस से तेल खरीदता है.

रिपोर्ट के मुताबिक मामले पर यूएस नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के निदेशक केविन हैसेट ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत अपने बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खोलने में अड़ियल रवैया अपना रहा है. यह रिश्ता जटिल है. इसका एक हिस्सा रूस पर दबाव डालने से जुड़ा है ताकि यूक्रेन संघर्ष में शांति समझौता हो सके. उन्होंने कहा कि भारत के साथ ट्रेड टॉक एक मैराथन की तरह है. इसमें उतार-चढ़ाव आते रहेंगे. हैसेट ने संकेत दिया कि अगर भारत अपने रुख पर कायम रहा तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सख्त कदम उठा सकते हैं.

भारत का रुख साफ है कि वह घरेलू उद्योग और ऊर्जा सुरक्षा को सबसे पहले प्राथमिकता देगा. इसको लेकर पीएम मोदी ने भी बयान दिया है कि वे देश के किसानों को सबसे पहले रखेंगे. इस बीच आशंका जताई जा रही है कि यह विवाद आने वाले महीनों में FTA (Free Trade Agreement) और Indo-Pacific सहयोग को भी प्रभावित कर सकता है.

Share
अगला लेख → अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर विभा शर्मा को मिलेगा र…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *