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कनाडा ने रद्द किए 80% भारतीय स्टूडेंट वीजा, पढ़ाई के लिए अब जर्मनी बना भारतीय छात्रों की पहली पसंद l

कनाडा ने रद्द किए 80% भारतीय स्टूडेंट वीजा, पढ़ाई के लिए अब जर्मनी बना भारतीय छात्रों की पहली पसंद l

2025 में कनाडा ने भारतीय छात्रों के वीजा आवेदन के मामले में बड़ा फैसला लिया है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कनाडा ने करीब 80% भारतीय छात्र वीजा को रद्द कर दिया, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। इस बदलाव के बाद भारतीय छात्रों का रुझान कनाडा से हटकर अन्य देशों, खासकर जर्मनी की ओर बढ़ गया है।

2024 में लगभग 1.88 लाख भारतीय छात्रों को कनाडा में दाखिला मिला था, लेकिन यह संख्या लगातार गिर रही है। वर्ष 2025 में केवल 9% भारतीय स्टूडेंट्स कनाडा को अपनी प्रमुख पढ़ाई की मंजिल के तौर पर चुन रहे हैं, जबकि जर्मनी ने 31% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

कनाडा ने वीजा नियमों को काफी सख्त कर दिया है। अब भारतीय छात्रों को 20,000 कनाडाई डॉलर के बैंक सॉल्वेंसी प्रूफ, विस्तृत अध्ययन योजना, तथा भाषा परीक्षा का उच्च स्तर प्रस्तुत करना होता है। इसके अलावा आवासीय सुविधाओं की कमी, स्थानीय राजनीतिक दबाव और रोजगार अवसरों में कमी भी कनाडा को भारतीय छात्रों के लिए कम आकर्षक बना रही है।

जर्मनी, फ्रांस, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देश अपने बेहतर वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थानों और किफायती जीवन व्यवस्था के कारण भारतीय छात्रों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। जर्मनी में सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में पढ़ाई अपेक्षाकृत कम खर्चीली है और अंग्रेजी में उच्च शिक्षा के विकल्प बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव भारतीय छात्रों के लिए अध्ययन की नई गंतव्यों की खोज का संकेत है, जहाँ बेहतर शैक्षिक अवसर, रोजगार संभावनाएं और जीवनशैली मिलती है।

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