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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हाई सिक्योरिटी ज़ोन में रील और शूटिंग पर रोक, बार काउंसिल की 6 मांगें मानी गईं l

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हाई सिक्योरिटी ज़ोन में रील और शूटिंग पर रोक, बार काउंसिल की 6 मांगें मानी गईं l

देश की सर्वोच्च अदालत ने उस परंपरा और गरिमा को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट जाना जाता है। अदालत प्रशासन ने अब स्पष्ट आदेश देते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के हाई सिक्योरिटी ज़ोन में अब किसी भी तरह की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने हाल ही में इस विषय पर गंभीर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि सोशल मीडिया रील्स और वीडियोज़ के लिए सुप्रीम कोर्ट के भीतर कानून से जुड़े लोगों और आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। इसके अलावा, परिसर की गंभीरता और गरिमा भी प्रभावित हो रही है।

SCBA और बार काउंसिल की ओर से सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को छह महत्वपूर्ण मांगें सौंपी गई थीं, जिनमें से प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:

सुप्रीम कोर्ट परिसर के हाई सिक्योरिटी जोन में रील, फोटो और वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर सुरक्षा जांच और सख्त हो।

मीडिया और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की अनधिकृत एंट्री पर रोक लगाई जाए।

अधिवक्ताओं, स्टाफ और अधिकारियों के लिए अलग से सुरक्षित पास की व्यवस्था की जाए।

परिसर में अनुचित व्यवहार करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

अदालत की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने बार काउंसिल की बातों से सहमति जताते हुए कहा है कि न्यायालय का परिसर किसी भी प्रकार की मनोरंजन गतिविधि के लिए नहीं है। यहां संवेदनशील मामलों की सुनवाई होती है और देश के कानून से जुड़े अहम फैसले लिए जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि होना चाहिए।

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें लोग सुप्रीम कोर्ट के प्रांगण या गेट के बाहर खड़े होकर रील बनाते दिखे। इससे एक ओर सुरक्षा का जोखिम पैदा हो रहा था, वहीं दूसरी ओर न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को भी ठेस लग रही थी।

अब यह फैसला लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर में कोई भी व्यक्ति अगर इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें एंट्री बैन से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट वकीलों और विभिन्न बार एसोसिएशनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे न केवल सुप्रीम कोर्ट की गरिमा बढ़ेगी, बल्कि वकीलों, कर्मचारियों और आम जनता की सुरक्षा भी पहले से बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सकेगी।

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