मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा यूपी चुनाव 2027 में JDU की एंट्री तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी लॉन्चिंग यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: FIR में बड़ा खुलासा, यात्रियों के मुताबिक बीड़ी पी रहे थे ड्राइवर-कंडक्टर गोरखपुर-वाराणसी समेत 4 शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत, योगी सरकार ने शुरू किया नया मॉडल योगी सरकार ने बिजली विभाग को दिए सख्त निर्देश, त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति का बनाया प्लान राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: तीन और आरोपियों की जमानत खारिज, टिन्नू यादव की याचिका पर आज सुनवाई राज्यसभा चुनाव से पहले BJP की नई रणनीति, यूपी में बदलेंगे ज्यादातर चेहरे, जातीय समीकरण रहेगा कायम

राजस्थान के डीग में SDM और रीडर 80,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार l

राजस्थान के डीग में SDM और रीडर 80,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार l

राजस्थान के डीग जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उपखंड अधिकारी (SDM) देवी सिंह और उनके अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी (रीडर) मुकेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर दिया है। आरोप है कि दोनों ने एक विवादित जमीन का रिसीवर आदेश कराने के एवज में परिवादी से 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांग की थी, लेकिन बातचीत के बाद 80,000 रुपये की रिश्वत पर सहमति बनी।

परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया और आरोप सही पाते ही शुक्रवार को जाल बिछाकर SDM और रीडर को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। जब परिवादी ने तय राशि लेकर SDM के कार्यालय पहुंचा तो मुकेश कुमार ने टेबल पर राशी रखी, उसी समय एसीबी टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक राजेश सिंह का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। मौके से रिश्वत की पूरी राशि जब्त कर ली गई है।

पूछताछ में पता चला कि SDM देवी सिंह और रीडर ने विवादित जमीन का रिसीवर आदेश पाने के लिए एक लाख 50 हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन परिवादी ने ये रकम नहीं दी। अंततः रिश्वत राशि कम होकर 80,000 रुपये पर तय हुई।

इस घटना के बाद एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों के परिसरों पर छापे मारे और जांच तेज कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति के तहत ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

राजस्थान में हाल के महीनों में कई अधिकारी रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोपों में पकड़े जा चुके हैं, जिससे प्रशासन में शुद्धिकरण का अभियान तेज हुआ है। यह कार्रवाई इसी अभियान की झलक है जो भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए शुरू किया गया है।

Share
अगला लेख → 'सबसे बड़ा दुश्मन निर्भरता': पीएम मोदी ने भावनगर में 34,200 …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *