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“कोलकाता में बारिश बनी आफत: सड़कें बनीं नदियां, 7 लोगों की करंट लगने से मौत, शहर में हाहाकार”

“कोलकाता में बारिश बनी आफत: सड़कें बनीं नदियां, 7 लोगों की करंट लगने से मौत, शहर में हाहाकार”

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता इस वक्त भारी बारिश की वजह से बेहाल है। बीते 48 घंटों से लगातार हो रही तेज बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया है। सड़कें नदियों जैसी दिखाई दे रही हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया है और यातायात पूरी तरह ठप हो चुका है। कई इलाकों में तो हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोगों को अपने घरों में ही कैद होना पड़ा है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों में कोलकाता में सामान्य से कई गुना ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश की वजह से शहर के मुख्य इलाकों में जलभराव हो गया है। हावड़ा, दमदम, टॉलीगंज, बेलियाघाटा और राजाबाजार जैसे सबसे व्यस्त क्षेत्रों में कमर तक पानी भर गया है।

बारिश के बीच सबसे भयावह घटनाएं बिजली से जुड़ी रही हैं। अब तक 7 लोगों की मौत करंट लगने से हो चुकी है। बारिश के कारण खुले पड़े बिजली के तार और जगह-जगह गिरते खंभे मौत का कारण बन रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में बिल्कुल न उतरें और बिजली के खंभों या तारों से दूरी बनाए रखें।

भारी बारिश की वजह से लोकल ट्रेन और मेट्रो सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। कई उड़ानों में देरी हो रही है और कुछ रद्द भी कर दी गई हैं। सड़क यातायात बुरी तरह चरमरा गया है, मुख्य सड़कों पर पानी भरने से बसें और निजी वाहन फंस गए हैं। जिन लोगों को ऑफिस या जरूरी काम से निकलना पड़ा, उन्होंने घंटों तक ट्रैफिक में फंसकर परेशानी झेली।

नगर निगम और राज्य सरकार की टीमें लगातार जल निकासी का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज बारिश के कारण राहत कार्यों में कठिनाई आ रही है। कई इलाकों में नावों और रबर बोट्स से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्थिति पर आपात बैठक बुलाई है और प्रशासन को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए हैं।

जलभराव का असर शहर के अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है। एंबुलेंस समय पर मरीजों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। कई जगहों पर छोटे अस्पतालों और क्लीनिकों में बिजली की समस्या आ गई है।

प्रशासन ने बार-बार आग्रह किया है कि लोग बेवजह घरों से बाहर न निकलें। जिन इलाकों में जलभराव ज्यादा है, वहां रस्सियों और अस्थायी बैरिकेड्स से लोगों को खतरे वाली जगहों में जाने से रोका जा रहा है।

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