मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

संयुक्त राष्ट्र महासभा में डोनाल्ड ट्रंप का अंदाज़: बिना टेलीप्रॉम्प्टर बोले, नेताओं को हंसाकर बना दिया माहौल हल्का l

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर अपने अनोखे अंदाज़ में सभी का ध्यान खींच लिया। जैसे ही वे बोलने के लिए मंच पर पहुंचे, उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के मज़ाकिया अंदाज़ में कहा— “मुझे बिना टेलीप्रॉम्प्टर के बोलने में कोई दिक्कत नहीं है, और इसे लेकर मैं बुरा भी नहीं मान रहा।”

उनकी यह बात सुनते ही सभा में मौजूद कई देशों के नेता ज़ोर से हंस पड़े और लंबे समय तक ठहाकों की गूंज सभागार में सुनाई देती रही। यह उनके भाषण की हल्की-फुल्की शुरुआत थी, जिसने वैश्विक स्तर की गंभीर बैठक का माहौल कुछ क्षणों के लिए सहज और रोचक बना दिया।

ट्रंप का यह भाषण लगभग 56 मिनट लंबा रहा। इसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय रखी, लेकिन बीच-बीच में उनकी हाज़िरजवाबी और चुटकुले भी आते रहे, जिनसे माहौल बार-बार हल्का हो गया।

उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति, आर्थिक सुधार, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा संकट और वर्ल्ड ट्रेड जैसे बड़े विषयों को छुआ। लेकिन अपनी बात रखने का अंदाज़ इतना अलग था कि कई बार गंभीर संदेश देते हुए भी उन्होंने सबको हंसने पर मजबूर कर दिया।

दरअसल, ट्रंप अपने बिंदास अंदाज़ और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी जब उन्होंने कहा कि वे “टेलीप्रॉम्प्टर के बिना भी सहजता से बोल सकते हैं”, तो उनके आत्मविश्वास ने सबका ध्यान खींचा।

कई देशों के प्रतिनिधियों ने बाद में कहा कि ट्रंप का यह अंदाज़ भले ही असामान्य है, लेकिन इससे माहौल अधिक इंटरैक्टिव हो जाता है और श्रोताओं की रुचि बनी रहती है।

वैश्विक मुद्दों पर भी कड़ा रुख
भले ही भाषण की शुरुआत हास्यपूर्ण रही, लेकिन ट्रंप ने कई गंभीर बातें भी साफगोई से रखीं। उन्होंने कहा कि दुनिया को आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने वैश्विक व्यापार में सुधार और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की जरूरत पर ज़ोर दिया।

उनकी आलोचना पश्चिम एशिया की नीतियों और चीन की आर्थिक रणनीतियों पर भी झलकी। हालांकि, उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर कुछ प्रतिनिधियों ने हल्का असहमति भी जताई।

वैश्विक मंच पर ट्रंप का अलग अंदाज़
ट्रंप का यह भाषण एक बार फिर दिखाता है कि वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में परंपरागत तरीकों से हटकर अपनी शैली में मंच पर छा जाते हैं। जहां एक ओर कुछ लोग उनकी गंभीर मुद्दों पर हल्केपन की आलोचना करते हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग मानते हैं कि यही अंदाज़ उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।

Share This
अगला लेख → CWC बैठक में खरगे का वार: 'योगी मोदी के उत्तराधिकारी बनने का…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,499 -456 (-0.58%)
निफ्टी 24,571 -65 (-0.26%)
मौसम
26°C
Patchy rain nearby
💧 89% 💨 4 km/h
Dehradun