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ईरान-इजरायल जंग पर अखिलेश यादव का सवाल, मोदी सरकार से मांगा स्पष्ट रुख

ईरान-इजरायल जंग पर अखिलेश यादव का सवाल, मोदी सरकार से मांगा स्पष्ट रुख

ईरानइजरायल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष को लेकर देश की राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भारत सरकार को साफ करना चाहिए कि वह युद्ध के पक्ष में है या शांति के।

दरअसल, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमले में मौत की खबर के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। क्षेत्र में लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है। एक ओर अमेरिका और इजरायल ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई में मिसाइल हमले कर रहा है। इस संघर्ष में कई सैन्य अधिकारियों और नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं।

इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ऐसे संवेदनशील और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर भारत सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार बताए कि वह युद्ध के साथ है या अमन के। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि एक तटस्थ देश होने के नाते भारत शांति बहाली के लिए कौन से कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि युद्धकालीन खबरें अक्सर रणनीति का हिस्सा होती हैं, इसलिए सरकार को चाहिए कि वह सामने आ रही जानकारियों की पुष्टि करे और सच देश की जनता के सामने रखे। अखिलेश यादव ने कहा कि इंसानियत की हानि अत्यंत दुखद है और सभी देशों को जिम्मेदाराना व्यवहार करना चाहिए।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक रुख को लेकर यह बयान राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। फिलहाल क्षेत्रीय हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति बहाली की उम्मीद कर रहा है।

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