मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
तरुण तेजपाल को बड़ा झटका! यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने ठहराया दोषी भगवंत सरकार कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ सहित कई जनहित के कार्यों को दी मंजूरी ‘क्या हमारी कीमत कीड़े-मकौड़ों से भी कम है?’ झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों का फूटा गुस्सा किसी का कान फटा, किसी का कंधा खिसका’—एअर इंडिया फ्लाइट के यात्रियों ने सुनाई दहला देने वाली आपबीती हवा में हड़कंप! टर्बुलेंस में फंसी एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट, कई यात्री घायल पटना में बनेगा PM मोदी का मंदिर, बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला CM योगी का बड़ा लक्ष्य, इस बार 5 करोड़ घरों पर फहराएगा तिरंगा भगवा वेश में प्रदर्शन पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज उमर खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को हाई कोर्ट का नोटिस SCO समिट के लिए पीएम मोदी को न्योता भेजने की तैयारी में पाकिस्तान, क्या इस्लामाबाद जाएंगे प्रधानमंत्री?

मेडिकल इमरजेंसी में राहत: मुख्यमंत्री सेहत योजना से 10 लाख तक मुफ्त इलाज

मेडिकल इमरजेंसी में राहत: मुख्यमंत्री सेहत योजना से 10 लाख तक मुफ्त इलाज

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना राज्य में स्वास्थ्य सुरक्षा के एक मजबूत आधार के रूप में उभर रही है। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अचानक आने वाली मेडिकल इमरजेंसी के दौरान लोगों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो रहा है। भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य हर नागरिक को समय पर और किफायती इलाज उपलब्ध कराना है।

दिल का दौरा, कैंसर और जन्म संबंधी जटिलताएं जैसी गंभीर बीमारियां अक्सर बिना किसी चेतावनी के सामने आती हैं, जिससे मरीज और उनके परिवार को तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी होता है, लेकिन कई बार आर्थिक कारणों से इलाज में देरी हो जाती है। यही वह स्थिति है, जहां यह योजना लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है।

मोहाली के जिला अस्पताल में कार्यरत मेडिकल ऑफिसर डॉ. ईशा अरोड़ा के अनुसार, अधिकतर मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी होती है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच और समय पर इलाज से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन लोग नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता नहीं देते। कई परिवार इलाज शुरू करने से पहले खर्च को लेकर चिंतित रहते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है और स्थिति और गंभीर बन सकती है।

राज्य में इस योजना को व्यापक स्तर पर अपनाया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 33 लाख से अधिक परिवार इस योजना के तहत पंजीकृत हो चुके हैं। इसके माध्यम से कैंसर, डायलिसिस और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लाखों मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कर मुफ्त इलाज दिया गया है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के मुताबिक, लगभग 1.98 लाख से अधिक मामलों में मुफ्त इलाज की मंजूरी दी जा चुकी है, जिसकी कुल लागत 3300 करोड़ रुपये से अधिक है।

भारत में स्वास्थ्य खर्च का एक बड़ा हिस्सा लोगों को अपनी जेब से वहन करना पड़ता है। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल स्वास्थ्य खर्च का करीब 47 प्रतिशत हिस्सा सीधे लोगों की जेब से जाता है। ऐसे में यह योजना उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें पहले इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता था या अपनी संपत्ति बेचनी पड़ती थी।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के हर नागरिक तक समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि योजना के दायरे को बढ़ाने, अस्पताल नेटवर्क को मजबूत करने और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रह जाए।

यह योजना न केवल आपातकालीन स्थितियों में लोगों को राहत प्रदान कर रही है, बल्कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को भी बेहतर बना रही है, जिससे लाखों परिवारों को एक सुरक्षित भविष्य की उम्मीद मिल रही है।

Share This
अगला लेख → दिल्ली यूनिवर्सिटी में बम की धमकी से हड़कंप: रामजस और मिरांड…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 78,584 +85 (+0.11%)
निफ्टी 24,601 +30 (+0.12%)
मौसम
26°C
Light rain shower
💧 85% 💨 5 km/h
Dehradun