मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

बाबरी विध्वंस मामले में आडवाणी समेत सभी 32 आरोपी बरी

बाबरी विध्वंस मामले में आडवाणी समेत सभी 32 आरोपी बरी

लखनऊ – बाबरी विध्वंस मामले में लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, महंत गोपालदास, विनय कटियार और उमा भारती समेत सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया गया है. जज एसके यादव ने कहा है कि विवादित ढांचा गिराने की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी और ये घटना अचानक हुई थी.

अदालत ने सीबीआई के साक्ष्यों को नाकाफी करार देते हुए सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया. ये केस बीते 28 साल से अदालत में लंबित था.

बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा का गिराया जाना पूर्व नियोजित नहीं था. अचाक गिराई गई.अभियुक्तों के खिलाफ नाकाफी सूबत हैंऑडियो सबूत की सत्यता नहीं की जा सकतीसीबीआई ने जो वीडियो सबूत के तौर पर पेश की, उसमें जो लोग गुंबद पर चढ़े थे, अराजक तत्व थेभाषण का ऑडियो क्लियर नहीं है

कोर्ट ने कहा कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, संगठन के द्वारा कई बार रोकने का प्रयास किया गया. ये घटना अचानक ही हुई थी, भीड़ ने ढांचे को गिरा दिया. कोर्ट ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख रहे अशोक सिंघल के खिलाफ भी कोई सबूत नहीं हैं.

अदालत ने कहा कि भीड़ वहां पर अचानक से आई और भीड़ ने ही ढांचे को गिरा दिया. जिन 32 लोगों का नाम शामिल किया गया, उन्होंने भीड़ को काबू करने की कोशिश की. सिर्फ तस्वीरों के आधार पर ही किसी को दोषी नहीं बना सकते हैं.

आरोपो से बरी होने वाले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती , महंत नृत्य गोपाल दास, साध्वी ऋतम्भरा, चम्पत राय, विनय कटियार, राम विलास वेदांती, महंत धरम दास, पवन पांडेय, ब्रज भूषण शरण सिंह, साक्षी महाराज,सतीश प्रधान, आरएन श्रीवास्तव, तत्कालीन डीएम, जय भगवान गोयल, रामचंद्र खत्री , सुधीर कक्कड़, अमरनाथ गोयल, संतोष दुबे, प्रकाश शर्मा, जयभान सिंह पवैया, धर्मेंद्र सिंह गुर्जर, लल्लू सिंह, वर्तमान सांसद, ओम प्रकाश पांडेय, विनय कुमार राय, कमलेश त्रिपाठी, गांधी यादव, विजय बहादुर सिंह, नवीन शुक्ला, आचार्य धर्मेंद्र, रामजी गुप्ता.

Share
टैग: #अमरनाथ गोयल #आचार्य धर्मेंद्र #आरएन श्रीवास्तव #आरोपो से बरी होने वाले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी #उमा भारती #ओम प्रकाश पांडेय #कमलेश त्रिपाठी #कल्याण सिंह #गांधी यादव #चम्पत राय #जय भगवान गोयल #जयभान सिंह पवैया #तत्कालीन डीएम #धर्मेंद्र सिंह गुर्जर #नवीन शुक्ला #पवन पांडेय #प्रकाश शर्मा #ब्रज भूषण शरण सिंह #महंत धरम दास #महंत नृत्य गोपाल दास #मुरली मनोहर जोशी #राम विलास वेदांती #रामचंद्र खत्री #रामजी गुप्ता #लल्लू सिंह #वर्तमान सांसद #विजय बहादुर सिंह #विनय कटियार\ #विनय कुमार राय #सतीश प्रधान #संतोष दुबे #साक्षी महाराज #साध्वी ऋतम्भरा #सुधीर कक्कड़
अगला लेख → हाथरस कांड को लेकर सपा का प्रदर्शन,हिरासत में लिए गए सभी विध…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *