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अब गांवों में भी तेज इंटरनेट, योगी सरकार ने शुरू किया प्रोजेक्ट गंगा

अब गांवों में भी तेज इंटरनेट, योगी सरकार ने शुरू किया प्रोजेक्ट गंगा

उत्तर प्रदेश के गांवों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना और गांवों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़कर उन्हें स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करना है। सरकार का मानना है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

परियोजना के पहले चरण में प्रदेश के 21 जनपदों को शामिल किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द ही सभी 75 जिलों में इस सुविधा का विस्तार किया जाए। इसके तहत ग्राम पंचायतों, न्याय पंचायतों, विकास खंडों और तहसीलों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन सेवाओं, ई-गवर्नेंस, डिजिटल शिक्षा और डिजिटल कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को आगे बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ब्रॉडबैंड इंटरनेट एक मूलभूत आवश्यकता बन चुका है। इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तेज होगी। इससे लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव आएगा और गांवों तक आधुनिक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 8,000 डिजिटल उद्यमियों को तैयार करेगी, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं शामिल होंगी। ये डिजिटल उद्यमी गांवों में इंटरनेट आधारित सेवाएं उपलब्ध कराएंगे और स्थानीय लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का कार्य करेंगे। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को भी डिजिटल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले भी डिजिटल विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है। ई-ऑफिस व्यवस्था, भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा और कोविड काल में गांव-गांव तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने के लिए बीसी सखी योजना जैसे प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल परिवर्तन की दिशा में मजबूत बनाया है। इसके अलावा राज्य की 57,700 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय स्थापित किए गए हैं, जहां ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं।

प्रोजेक्ट गंगा के तहत हिंदुजा ग्रुप गांवों में अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का कार्य करेगा। इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए एक नया मंच मिलेगा। इससे स्थानीय उद्यमों, कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाएं भी इस परियोजना से जुड़कर ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी। इस योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जनवरी 2025 में शुरू हुई इस योजना के माध्यम से अब तक लगभग दो लाख युवा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में 21 जिलों में शुरू होने वाली यह योजना भविष्य में प्रदेश की सभी 350 तहसीलों, 825 विकास खंडों, 8,000 न्याय पंचायतों और 57,700 ग्राम पंचायतों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता का मजबूत मॉडल तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का विकास मॉडल ऐसा होना चाहिए जिससे लोगों की सरकार पर निर्भरता कम हो और वे स्वयं आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड सुविधा मिलने के बाद ग्राम पंचायतें स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित होंगी, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और व्यापार से जुड़ी कई सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि ‘प्रोजेक्ट गंगा’ न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को नई गति देगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और उत्तर प्रदेश को डिजिटल विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का भी माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना देश के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है और गांवों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल के रूप में याद की जाएगी।

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