मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
काला जादू से घट रही हाइट! 165 से 158 सेंटीमीटर हुई लंबाई, युवक ने कलेक्टर से लगाई गुहार UP International Trade Show का आगाज, अमित शाह-योगी ने दिखाई यूपी के हुनर की ग्लोबल ताकत योगी सरकार का बड़ा ग्लोबल दांव, UPITS 2026 में 85 देशों के खरीदारों से जुड़ेंगे यूपी के उद्यमी पंजाब में ED रेड पर सियासी संग्राम, सिसोदिया बोले- छापेमारी में कुछ नहीं मिलने वाला SIR विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोले- ‘वोट चोरी’ के बाद पाप धोने के लिए लाया गया SIR अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा का अनोखा स्वागत, बुलडोजर से बरसाए गए फूल पंजाब में पटवारियों की हड़ताल खत्म, 1000 से ज्यादा पदों पर भर्ती को CM मान ने दिए निर्देश लखनऊ में आज से 4,526 प्लॉट का रजिस्ट्रेशन, CM योगी करेंगे नैमिष नगर-वरुण विहार का शुभारंभ यूपी चुनाव से पहले BJP का युवाओं पर फोकस, कॉलेज-यूनिवर्सिटी में चलेगा ‘सार्थक युवा संवाद’ धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा ऐलान, ‘हिंदू राष्ट्र’ संकल्प को लेकर 11 अक्टूबर से निकालेंगे रथ यात्रा

2021 से ग्रोथ रेट में हो सकता है सुधार,RTGS की सुविधा होगी 24 घंटे

2021 से ग्रोथ रेट में हो सकता है सुधार,RTGS की सुविधा होगी 24 घंटे

नई दिल्ली – रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट को 4 फीसदी पर बरकरार रखा है.RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि आरबीआई इकनॉमिक ग्रोथ को समर्थन देने के लिए उदार रुख को बनाए रखेगा. नरम रुख से कोविड-19 से प्रभावित अर्थव्यवस्था को तेजी देने के लिए जरूरत पड़ने पर नीतिगत दरों में कटौती की जा सकती है.

आमजन को सुविधा बढ़ाने के लिए आरबीआई ने भारत में RTGS की सुविधा आगामी दिसंबर से 24 घंटे शुरू करने की बात कही है. आरटीजीएस बैंकों के सभी कार्यदिवसों में (दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर) सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक खुला रहता है.

अब रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमत के 80 फीसदी ​तक के कर्ज पर बैंकों के लिए 35 फीसदी जोखिम के आधार पर पूंजी का प्रावधान रखना होगा. इसी तरह 90 फीसदी तक के कर्ज के लिए जोखिम मानक 50 फीसदी के अनुसार पूंजी रखनी होगी.रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार रखा है. अगस्त में भी पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ था.जीडीपी में चालू वित्त वर्ष में 9.5 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है.

शशि कांत दास का मानना है की 2020-21 की चौथी तिमाही में पॉजिटिव ग्रोथ देखने को मिल सकता है. अर्थव्यवस्था में सुधार के लक्षण दिखने लगे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा मजबूती है.खाद्यान्नों के उत्पादन में देश में नया रिकॉर्ड बन सकता है. मानसून बेहतर रहने और खरीफ फसलों रकबा बढ़ा है और रबी फसलों का भी आउटलुक अच्छा है जिससे खाद्यान्नों के उत्पादन में नया रिकॉर्ड बन सकता है. अर्थव्यवस्था में पहली तिमाही में आई गिरावट पीछे छूट चुकी है, स्थिति में सुधार के संकेत दिखने लगे हैं. रोक लगाने के बजाय अब अर्थव्यवस्था को उबारने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है.

Share
अगला लेख → लालू यादव को चारा घोटाला मामले में मिली जमानत, लेकिन जेल से …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *