मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, दान गिनने वाले 36 पुराने स्टाफ की छुट्टी

अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, दान गिनने वाले 36 पुराने स्टाफ की छुट्टी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और दान प्रबंधन व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। ट्रस्ट ने दान की गिनती में लगे 36 पुराने कर्मचारियों को हटाते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। ट्रस्ट का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य चढ़ावे की गिनती को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।

जानकारी के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत दान की गिनती की पूरी प्रक्रिया को नए कर्मचारियों और तय मानकों के अनुसार संचालित किया जाएगा। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि चढ़ावे की गिनती पहले की तरह सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की निगरानी में ही होगी, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।

राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और नकद, आभूषण सहित विभिन्न प्रकार के दान अर्पित करते हैं। ऐसे में बढ़ते चढ़ावे को देखते हुए ट्रस्ट समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में दान प्रबंधन प्रणाली में यह बदलाव किया गया है।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि यह एक नियमित प्रशासनिक निर्णय है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाना है। नई टीम को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के इस फैसले को मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि आवश्यकता हुई तो दान प्रबंधन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में भी सुधार और तकनीकी बदलाव किए जा सकते हैं।

Share
अगला लेख → "यह सरकार निर्दयी है" छात्रों पर कार्रवाई को लेकर संसद में ग…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *