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PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें

PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें

पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि केवल घोषणाएं करने से युवाओं का भरोसा वापस नहीं आएगा, बल्कि ठोस और जवाबदेह कार्रवाई की जरूरत है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण युवाओं का रोजगार और भविष्य दोनों प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा पर्याप्त नहीं है, जब तक पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई जाती। राहुल गांधी ने युवाओं को न्याय दिलाने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों को गंभीर बताते हुए इनके त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

पेपर लीक का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। एक ओर सरकार इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इन उपायों को अपर्याप्त बताते हुए जवाबदेही तय करने और व्यापक सुधारों की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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