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CM भगवंत मान के काफिले पर टमाटर-अंडे फेंकने का आरोप, पुलिस ने बिट्टू को हिरासत में लिया

पंजाब के लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले को लेकर शनिवार को राजनीतिक टकराव का मामला सामने आया। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर मुख्यमंत्री के काफिले की ओर टमाटर और अन्य सामान फेंकने का आरोप लगा है। घटना के बाद पुलिस ने रवनीत बिट्टू को हिरासत में ले लिया। यह घटनाक्रम पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों के बीच हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम से बाहर निकलने के दौरान भाजपा कार्यकर्ता और रवनीत बिट्टू मुख्यमंत्री के काफिले के रास्ते में प्रदर्शन करते नजर आए। इसी दौरान काफिले की ओर टमाटर फेंके जाने का आरोप लगा। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए बिट्टू को हिरासत में ले लिया।

रवनीत बिट्टू ने खुद प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सरकार की नीतियां सवालों के घेरे में हैं। बिट्टू ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रतीकात्मक तौर पर अंडे, शराब की बोतल और टमाटर वापस किए हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने शराब की बोतल हाथ में लेकर मुख्यमंत्री की ओर उठाई और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

बिट्टू ने यह भी दावा किया कि इससे पहले बटाला के पास उनके काफिले पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से अंडे फेंके गए थे। उनका आरोप है कि जब वह भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे, तब उनके काफिले को निशाना बनाया गया। बिट्टू के मुताबिक, उनकी सुरक्षा टीम ने कुछ लोगों को पकड़ा था, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया गया। इस घटना को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजे जाने की बात भी कही।

लुधियाना में प्रदर्शन के दौरान बिट्टू ने बटाला की कथित घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भाजपा नेताओं और कार्यक्रमों के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं, तो भाजपा कार्यकर्ता भी सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों तथा सरकारी कार्यालयों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जाएंगे।

रवनीत बिट्टू ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हिरासत में लेने से राजनीतिक विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक चर्चा में आ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब भाजपा पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के जरिए अभियान चला रही है और आम आदमी पार्टी भी लुधियाना से अपने चुनावी कार्यक्रमों को गति दे रही है।

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन तेज होते दिखाई दे रहे हैं। लुधियाना की यह घटना इसी बढ़ते राजनीतिक टकराव की एक कड़ी के तौर पर सामने आई है।

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