Breaking-News

पंजाब में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का बड़ा लाभ, 5.10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए धार्मिक स्थलों के दर्शन

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम के तहत अब तक 5,10,807 श्रद्धालु राज्य और राज्य के बाहर स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। सरकार के अनुसार इस योजना का उद्देश्य खासतौर पर 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को धार्मिक यात्राओं के लिए मुफ्त यात्रा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम की शुरुआत 9 नवंबर 2025 को की गई थी। योजना के पहले चरण में करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और माता नैना देवी जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन किए थे। इसके बाद योजना का विस्तार करते हुए इसमें पंजाब के अलावा दूसरे राज्यों के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया गया।

मंत्री के मुताबिक, फिलहाल इस योजना के तहत 95 एसी बसें संचालित की जा रही हैं और अब तक इन बसों के 12,485 चक्कर पूरे हो चुके हैं। सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए यात्रा से जुड़े इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस योजना का लाभ 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग उठा सकते हैं। पात्र श्रद्धालुओं को एसी स्लीपर बस से मुफ्त यात्रा, ठहरने और भोजन की सुविधा दी जाती है। सरकार के अनुसार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

12 अगस्त 2026 को योजना का विस्तार किया गया। इसके तहत अब श्री खाटू श्याम-सालासर बालाजी धाम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों को भी यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इससे पंजाब के श्रद्धालुओं को राज्य से बाहर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का अवसर मिल रहा है।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक बस में सहायक कर्मचारियों और मेडिकल स्टाफ की टीम तैनात की गई है। इसके अलावा यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर भी श्रद्धालुओं की सहायता के लिए विशेष टीमें मौजूद रहती हैं, ताकि किसी तरह की परेशानी होने पर उन्हें तत्काल मदद मिल सके।

सरकार के अनुसार श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए एयर-कंडीशन्ड आवास और साफ-सुथरे शौचालय की व्यवस्था की जाती है। यात्रा के दौरान भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। यात्रा पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद और यादगार के तौर पर पीतल का गिलास भी दिया जाता है।

तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि यह योजना किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। किसी भी क्षेत्र, जाति या धर्म से संबंधित पात्र व्यक्ति इसका लाभ ले सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के दर्शन करने और वहां माथा टेकने के इच्छुक बुजुर्गों को यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

मंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्रद्धालुओं की सुविधा और यात्रा के सुचारू संचालन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। संबंधित टीमों को पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मौजूद रहने और उनकी सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button