UP में नौकरियों को लेकर CM योगी का बड़ा ऐलान, अगले 6 महीने में 1 लाख से ज्यादा नियुक्तियां
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों और नियुक्तियों को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की ओर से सरकारी नौकरियों को लेकर किए गए सवाल पर पलटवार करते हुए कहा, “2017 से पहले नियुक्ति के नाम पर गदर मचाने वाले गिनते जाएं, हम नौकरी देते जाएंगे।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लगातार पारदर्शी तरीके से युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रही है और आने वाले महीनों में भी बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी के अवसर मिलेंगे।
दरअसल, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी और सरकार के अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के दावे को लेकर सवाल उठाया था। मुख्यमंत्री योगी ने इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार लगातार नियुक्तियां कर रही है। उन्होंने कहा कि लोग नियुक्तियों की गिनती करते जाएं और सरकार युवाओं को नौकरी देने का काम करती जाएगी।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा, आयुष, कौशल विकास और उद्योग विभाग में हुई भर्तियों के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्वयं 21 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि अन्य अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 सितंबर को भी करीब एक हजार चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, प्रदेश में अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोगों को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहकर निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, ताकि युवाओं के साथ न्याय हो सके।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में करीब 36 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं और उनके मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, होमगार्ड के करीब 42 हजार पदों के लिए परीक्षा हो चुकी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से भी अगले छह महीने में करीब 25 से 30 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के जरिए अगले तीन से चार महीनों में करीब 20 से 25 हजार युवाओं को अवसर मिलने वाले हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद करीब 15 से 16 हजार पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता साफ होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की सरकारों की भर्ती व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भर्ती बोर्डों और आयोगों में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई और युवाओं के सामने पहचान का संकट पैदा हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी खराब थी और कई जगहों पर दंगों तथा लंबे समय तक कर्फ्यू की स्थिति बनी रहती थी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं की क्षमता को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए अवसर के रूप में देखा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब राजस्व सरप्लस राज्य है और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर जाने की मजबूरी कम हुई है और उत्तर प्रदेश में ही रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक बार फिर दोहराया कि अगले छह महीनों में एक लाख से कम नहीं, बल्कि उससे अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी रहेगी और सरकार का फोकस पारदर्शी भर्ती के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर है।