
योग गुरु बाबा रामदेव और कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर आमने-सामने हैं। पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मामला पतंजलि के घी की गुणवत्ता को लेकर बृजभूषण शरण सिंह की ओर से की गई सार्वजनिक टिप्पणियों से जुड़ा है। पतंजलि का आरोप है कि उनके बयान से कंपनी की प्रतिष्ठा और कारोबार को नुकसान पहुंचा। यह मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चल रहा है।
विवाद के बीच बृजभूषण शरण सिंह ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा है कि अगर अदालत उन्हें सजा देकर जेल भेजती है तो वह जेल जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन जमानत नहीं कराएंगे। हालिया बातचीत में उन्होंने बाबा रामदेव और पतंजलि को लेकर भी अपनी आपत्तियां दोहराईं। हालांकि, मानहानि मामले में अंतिम फैसला अदालत की कार्यवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष भी रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में दाखिल उनके हलफनामे के मुताबिक, उस समय उनकी कुल घोषित संपत्ति करीब 9.89 करोड़ रुपये थी। इसमें करीब 3.65 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और करीब 6.24 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी। उनके ऊपर करीब 6.15 करोड़ रुपये की देनदारियां भी घोषित की गई थीं।
हलफनामे में बृजभूषण शरण सिंह की संपत्तियों में कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि और आवासीय संपत्तियां शामिल बताई गई थीं। इसके अलावा उनके नाम पर कई बैंक खातों में जमा राशि, शेयर, वाहन और लाइसेंसी हथियार भी घोषित किए गए थे। 2019 के रिकॉर्ड में उनके पास एक पिस्टल, एक राइफल और एक रिपीटर दर्ज था। महंगी गाड़ियों और घोड़ों के प्रति उनकी रुचि का भी अक्सर जिक्र होता रहा है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 9.89 करोड़ रुपये की संपत्ति का आंकड़ा 2019 के चुनावी हलफनामे पर आधारित है। इसके बाद उनकी संपत्ति में क्या बदलाव हुआ है, इसका कोई नया सार्वजनिक चुनावी हलफनामा उपलब्ध नहीं है, क्यो



