CEC के खिलाफ विपक्ष एकजुट, 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की बड़ी रैली का ऐलान
इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएगा। खरगे ने बताया कि गठबंधन की बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली, जिसमें 20 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। कुछ नेता बैठक में ऑनलाइन भी जुड़े, जिनमें उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन शामिल रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बैठक में सभी नेताओं ने अपने विचार रखे और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर मिलकर संघर्ष करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच कई सुझावों पर चर्चा हुई। खरगे के मुताबिक, राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत विभिन्न नेताओं ने भी आगे की रणनीति को लेकर अपने सुझाव दिए।
खरगे ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है और कुछ लोगों को आगे करके वोटों की कथित हेराफेरी कराई जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए भी आरोप लगाए। हालांकि, ये खरगे और विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर मिलकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर के बीच देश के विभिन्न जिलों में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा विपक्ष की ओर से पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष अपनी बात राष्ट्रपति के सामने भी रखेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सभी विपक्षी दल एक साथ अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नवंबर में विपक्ष की एक बड़ी रैली आयोजित करने की योजना है।
बैठक के दौरान नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा की। विपक्षी दलों की ओर से तय किए गए कार्यक्रमों के जरिए इन मुद्दों को जनता के बीच उठाने और सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जाएगी।