भगवंत मान का बड़ा दावा- पंजाब में जीरो बिजली बिल, 70,685 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानसा के सरदूलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के फत्ता मलोका गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपनी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ किसी लालच या दिहाड़ी के लिए नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की ओर से किए गए जनहित के कामों के समर्थन में पहुंची है। इस दौरान पंजाबी अभिनेता करमजीत अनमोल और क्षेत्रीय विधायक गुरप्रीत सिंह बनावली भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि पंजाब में बड़ी संख्या में घरों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उनके मुताबिक, पहले किसानों को रात के समय खेतों में पानी लगाने के लिए उठना पड़ता था, जिससे उन्हें जहरीले जीव-जंतुओं और अन्य खतरों का सामना करना पड़ता था। सरकार ने बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में बदलाव कर किसानों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली देने की व्यवस्था की है।
भगवंत मान ने कहा कि बिजली आपूर्ति में सुधार के साथ नहरों के पानी को खेतों के आखिरी छोर तक पहुंचाने पर भी सरकार ने काम किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन व्यवस्थाओं से किसानों को खेती के काम को दिन में पूरा करने और शाम का समय अपने परिवार के साथ बिताने में मदद मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर पंजाब का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी सतनाम सिंह को मंच पर सम्मानित किया। भगवंत मान ने उन्हें 50 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि और सम्मान पट्टिका प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतियोगिता खत्म होने के दो दिन के भीतर खिलाड़ी को पुरस्कार देकर सरकार ने अपना वादा पूरा किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वर्ण पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 75 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेता को 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जा रही है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार के कामों का जिक्र करते हुए भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया है और शिक्षकों को सिंगापुर तथा फिनलैंड में प्रशिक्षण दिलाया गया है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के NEET परिणामों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, वर्ष 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों से केवल 80 विद्यार्थी NEET परीक्षा में सफल हुए थे, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई। भगवंत मान ने इसे शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का उदाहरण बताते हुए कहा कि पंजाब अब शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 70,685 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने दावा किया कि ये नियुक्तियां बिना रिश्वत और सिफारिश के योग्यता के आधार पर की गई हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान भगवंत मान ने विपक्षी दलों, खासकर शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने दोनों दलों पर परिवारवाद और भाई-भतीजावाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल और बादल परिवार पर भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पारंपरिक राजनीतिक परिवारों ने लंबे समय तक पंजाब के संसाधनों पर अपना प्रभाव बनाए रखा।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था को नकार रही है और आम परिवारों से आने वाले युवा शिक्षा, खेल और प्रशासन समेत अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को इसी बदलाव का उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार का फोकस आम लोगों को सुविधाएं देने, किसानों की समस्याएं कम करने, युवाओं को रोजगार देने और शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है।