राहुल गांधी को लॉन्च-रीलॉन्च करने के लिए अराजकता फैला रहा विपक्ष? संबित पात्रा का बड़ा हमला
इंडिया ब्लॉक के चुनाव आयोग तक निकाले जा रहे मार्च को लेकर भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों के विरोध के बीच बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और INDIA ब्लॉक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और इसका मकसद सिर्फ राहुल गांधी को ‘लॉन्च और री-लॉन्च’ करना है।
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की ओर से देश में सत्ता परिवर्तन के लिए एक सुनियोजित राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए राहुल गांधी को सत्ता में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। पात्रा के मुताबिक, इसके लिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीतिक तौर पर लॉन्च करने की कोशिश कोई नई बात नहीं है। उनके मुताबिक कांग्रेस लंबे समय से राहुल गांधी को अलग-अलग मौकों पर लॉन्च और री-लॉन्च करती रही है, लेकिन जब इसमें सफलता नहीं मिली तो अब विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष किसी भी कीमत पर राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से स्थापित करना चाहता है।
इंडिया ब्लॉक के चुनाव आयोग तक मार्च को लेकर भी बीजेपी ने सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का विरोध कर रहे हैं। इस पर संबित पात्रा ने कहा कि बीजेपी की जिम्मेदारी है कि वह जनता के सामने पूरे मामले की वास्तविक स्थिति रखे। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से SIR को लेकर गलतफहमियां और फेक न्यूज फैलाने की कोशिश की जा रही है।
पात्रा ने इस दौरान राहुल गांधी की ओर से फॉर्म 6 को लेकर किए गए दावों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जनता को गुमराह कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में फॉर्म 6 से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई के बाद इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और इसमें बीजेपी का भी जिक्र किया।
संबित पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी ने फॉर्म 6 को अवैध बताए जाने की बात कही, जबकि अदालत ने फॉर्म 6 को अवैध घोषित नहीं किया है। उनके मुताबिक अदालत ने याचिका में फॉर्म 6 में कथित बदलावों का जिक्र होने के कारण मामले की जांच करने की बात कही थी। पात्रा ने कहा कि यदि किसी तरह का बदलाव हुआ है तो इसकी स्थिति आगे की न्यायिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
बीजेपी सांसद ने चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने इसी आधार पर राहुल गांधी के दावे को खारिज करते हुए उन पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
पात्रा ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें चुनाव आयोग के भीतर SIR के फैसले को लेकर कथित असहमति की बात कही गई थी। बीजेपी नेता ने कहा कि चुनाव आयोग की तथ्य-जांच के मुताबिक बिहार में SIR से संबंधित आदेश सर्वसम्मति से जारी किया गया था। उन्होंने दावा किया कि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को बरकरार रखा।
संबित पात्रा ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बिना पर्याप्त आधार के दावे करने से जनता के बीच भ्रम पैदा होता है। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी से ऐसे आरोपों को लेकर जवाबदेही की मांग की। दूसरी ओर, INDIA ब्लॉक के दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर अपने सवालों पर कायम हैं और इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और फॉर्म 6 को लेकर जारी यह राजनीतिक विवाद अब सड़क से लेकर अदालत और संसद तक पहुंच चुका है। एक तरफ विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रहा है, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर हमले का आरोप लगा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR और मतदाता सूची को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।