CM योगी का बड़ा दावा- ‘असेंबली से AI तक नए UP की नई उड़ान’, 2017 से पहले परिवार आगे था
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए प्रदेश के बदलते स्वरूप और तकनीकी विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘असेंबली से AI’ तक नई उड़ान भर रहा है। उन्होंने 2017 से पहले की सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज प्रदेश की पहचान टेक्नोलॉजी, निवेश और उत्पादन से बन रही है।

CM योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में लिखा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में परिवार आगे था, जबकि अब प्रदेश का भविष्य आगे है। उन्होंने कहा कि पहले विकास की प्राथमिकता परिवारवाद थी, लेकिन आज नीति से निवेश और निवेश से उत्पादन तक उत्तर प्रदेश पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब सत्ता के केंद्र में परिवार नहीं, बल्कि विकास के केंद्र में उत्तर प्रदेश है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बढ़ते स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न का इकोसिस्टम तैयार हो चुका है। साथ ही उत्तर प्रदेश AI City की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार ने AI-PRAGYA के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने विकास की प्राथमिकताएं बदली हैं। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और डेटा के विस्तार के साथ प्रदेश अब डेटा सेंटर से AI City तक डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को लेकर कहा कि प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम उन्हें केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उनके मुताबिक कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बड़ा बाजार था, लेकिन अब वह तकनीक के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘असेंबली से AI’ तक की यह यात्रा केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार, उद्यम और आर्थिक समृद्धि से भी जुड़ी है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वह लखनऊ में HCL Tech की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी किया जाएगा। सरकार इसे युवाओं को उभरती तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि साढ़े 9 वर्षों के भीतर देश में बनने वाले करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Make in India, Digital India और आत्मनिर्भर भारत के विजन को डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़ा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक जेवर में करीब ₹3,706 करोड़ की HCL-Foxconn चिप इकाई पर काम हो रहा है, जबकि प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर प्रस्ताव भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तकनीकी यात्रा अब मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है। सरकार की ओर से इन परियोजनाओं को प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल इकोनॉमी के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में मुश्किलें आती थीं। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण को विकास मॉडल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब प्राथमिकता प्रदेश से ज्यादा परिवार और निवेशक से ज्यादा अपराधी हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल माहौल तैयार नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक टेक्नोलॉजी, निवेश, स्टार्टअप, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI के क्षेत्र में हो रहा विस्तार नए उत्तर प्रदेश की नई पहचान तैयार कर रहा है। ‘असेंबली से AI’ तक की यह यात्रा प्रदेश को तकनीक के बाजार से तकनीक के निर्माता की दिशा में ले जाने का प्रयास है।