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भगवान पर चढ़ाने वाले फूल बन रहे जानवरो का चारा

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लखनऊ – लॉक डाउन के चलते उत्तर प्रदेश में लखनऊ के मलिहाबाद सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में फूलों की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। लॉकडाउन के कारण मंदिर बंद हैं, शादी विवाह समेत सभी आयोजनों पर रोक लगी है जिससे फूल खराब हो रहे हैं। कहीं पर भी इनकी बिक्री नहीं हो रही है। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। किसान गेंदा, ग्लैडिओलिस,रजनीगन्धा,गुलाब की बड़े पैमाने पर खेती करते हैं। लेकिन, कोरोना वायरस के कारण सब बेकार हो रहे हैं। एक तो प्रतिदिन मंदिरों में चढ़ावा के लिए फूल बंद हैं और दूसरे शादियां ठप हैं, जिससे सजावट का काम बंद है। किसानों को कुछ समझ में नहीं आ रहा है, जिससे फूलों की खेती उनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। खिले फूल बेकार हो रहे हैं। माल क्षेत्र स्थित कसमण्डी में फूल के किसान रमेश ने बताया की इस बार दुसरो की जमीन को भी किराये पर लेकर फ़ूलो की खेती को बढ़ाया था लेकिन lockdown ने सब उम्मीदों पर पानी फेर दिया और अब इन फूलो को जानवरो को खिलाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा इन फूलों को कचरे के ढेर में डाल रहे हैं या गायों को खिला रहे है । प्रदेश में फूलों की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। प्रदेश में करीब एक हजार करोड़ का सालाना कारोबार होता है। इस समय मंदिर,मस्जिद,गुरुद्वारे समेत सभी धार्मिक स्थल बंद हैं जिसके कारण कोई धार्मिक आयोजन नहीं हो रहे हैं। शादी-विवाह समेत अन्य समारोह भी पूरी तरह बंद हैं। इन सबके कारण फूलों के व्यवसाय में करीब 1000 करोड का नुकसान हुआ है।

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