मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
‘पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा’, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देते समय CM योगी की सख्त चेतावनी क्या दूसरे राज्यों में भी दिख रहा योगी मॉडल? बिहार के जमुई कांड से कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन! 4 दिन में 5,297 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी CM योगी देंगे 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य से आयुष तक इन पदों पर मिलेगी नौकरी अमित शाह करेंगे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन, 25 सितंबर से शुरू होगा बड़ा आयोजन ‘बंदूक की राजनीति अब नहीं चलेगी’, मेरठ में सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर बड़ा हमला मेरठ में नितिन नवीन का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- यूपी को फिर बांटने की कोशिश हो रही ‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’, दानिश आजाद अंसारी का अखिलेश यादव पर तीखा हमला यूपी में 2027 से पहले पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे ‘आजम-अतीक-मुख्तार’ वाले पोस्टर 2027 से पहले बड़ा सवाल: उत्तर प्रदेश के लिए योगी मॉडल कितना जरूरी? कानून-व्यवस्था, रोजगार, महिला सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिपोर्ट

अच्छी खबर – गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता 31 जुलाई तक बढ़ाई, नहीं लगेगी लेट फीस

अच्छी खबर – गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट की वैधता 31 जुलाई तक बढ़ाई, नहीं लगेगी लेट फीस

नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने मोटर वाहन अधिनियमों के तहत विभिन्न डॉक्यूमेंट्स और प्रमाण पत्रों की वैधता की तिथि 31 जुलाई तक बढ़ा दी गयी है. इस फैसले के तहत एक फरवरी से नवीनीकरण में देरी के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या लेट फीस नहीं ली जाएगी. एक सरकारी रिलीज के मुताबिक कोविड-19 के दौरान लोगों की सुविधा के उद्देश्य से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक वैधानिक आदेश जारी किया है.

आदेश के मुताबिक इन दस्तावेजों के नवीकरण सहित किसी गतिविधि के लिए एक फरवरी या उसके बाद यदि शुल्क जमा भी कर दिया गया है और कोविड-19 महामारी की रोकथाम से उभरी स्थितियों की वजह से वह गतिविधि पूरी नहीं हो सकी है तो जमा शुल्क को अब भी वैध माना जाएगा.

यदि फीस जमा करने में एक फरवरी 2020 से लॉकडाउन की अवधि तक देरी हुई है तो ऐसी देरी के एवज में 31 जुलाई 2020 तक किसी भी तरह का अतिरिक्त या लेट फीस नहीं ली जाएगी.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 से संबंधित दस्तावेजों की वैधता के विस्तार के संबंध में 30 मार्च 2020 को एक एडवाइजरी जारी की थी. इसमें प्रवर्तन अधिकारियों को यह सलाह दी गई थी कि जिन दस्तावेजों की वैधता में विस्तार नहीं दी जा सकी या लॉकडाउन की वजह से नहीं दी जा सकती है और जिनकी वैधता एक फरवरी 2020 को खत्म हो गई या 30 जून 2020 तक खत्म हो जाएगी, उन दस्तावेजों को 30 जून 2020 तक वैध माना जाए.

Share
अगला लेख → 1 जून से इन राज्यों में मिलेगा महंगा पेट्रोल-डीजल

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *